फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Eid-al-Adha 2024: नमाज अदाकर गर्मी से राहत और बारिश के लिए मांगी दुआ

विज्ञापन
विज्ञापन
ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर सोमवार को रब की बारगाह में नमाजियों ने सजदा किया। मुल्क में अमन-ओ-अमान के साथ गर्मी से राहत और बारिश के लिए दुआ मांगी। ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों का हुजूम उमड़ा रहा। फिर खुदा की राह में जानवरों की कुर्बानी पेश की। इसके साथ ही तीन दिनों तक कुर्बानी का सिलसिला चलेगा। नमाज के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। वहीं, रात तक लोग सोशल मीडिया पर मुबारकबाद देते रहे।
विज्ञापन

बकरीद की नमाज शहर से लेकर ग्रामीण इलाके की सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 5:45 से 11 बजे तक हुई। नमाजी स्नान कर इत्र से भीगे लकदक कपड़ों में गली-मुहल्लों की मस्जिदों में तय वक्त पर नमाज अदा करने पहुंचे। उत्साहित बच्चे भी रंग-बिरंगी पोशाकों में दिखे। उलेमाओं ने तकरीर में ईद-उल-अजहा की फजीलत को बयां किया। फिर दो रकात की नमाज अदाकर अमन, मुल्क की तरक्की, सेहतमंदी, गर्मी से राहत और बारिश के लिए दुआ मांगी। सभी ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। वहीं, युवा सेल्फी लेते दिखे।
इस दौरान सरैया, नई सड़क, नदेसर, पुलिस लाइन, जलालीपुरा, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, बजरडीहा, लोहता आदि इलाकों की बड़ी मस्जिदों और ईदगाहों पर पुलिस अधिकारी गश्त लगाते नजर आए। नमाज के बाद मोमिनों ने बकरा, भेड़, दुंबा आदि जानवरों की कुर्बानी दी। मुस्लिम बहुल इलाकों में रातभर रौनक रही और दावतों का दौर चला। इस दौरान मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी और काजी-ए-शहर मौलाना जमील अहमद ने ईदुल अजहा की लोगों को मुबारकबाद दी। उनके दौलतखाने पर मुबारकबाद पेश करने के लिए भीड़ रही।
विज्ञापन

किसने-कहां पढ़वाई नमाज
ईदगाह हकीम सलामत अली में मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मस्जिद हमीदिया शक्कर तालाब में मौलाना मोइनुद्दीन अहमद फारूकी प्यारे मियां, मस्जिद लंगड़े हाफिज नई सड़क में मौलाना जकीउल्लाह कादरी, नदेसर जामा मस्जिद में मौलाना आसिफ, मस्जिद नबाब टोंक गिलट बाजार में मौलाना हारुन रसीद नक्शबंदी, शाही मस्जिद ज्ञानवापी में मौलाना अब्दुल आखिर नोमानी, मुगलिया मस्जिद बादशाह बाग में मौलाना हसीन अहमद हबीबी, शाही मस्जिद ढाई कंगूरा में हाफिज नसीम अहमद बशीरी, ईदगाह विद्यापीठ में मौलाना शमीम, मस्जिद उल्फत बीबी अर्दली बाजार में कारी साकिब, शिया जामा मस्जिद मीर गुलाम अब्बास अर्दली बाजार में मौलाना तौसीफ अली, मस्जिद डिप्टी जाफ बख्त शिवाला में मौलाना मुहम्मद हुसैन, मस्जिद टकटकपुर दरगाह में मौलाना अजहरुल कादरी, मस्जिद याकूब शहीद नगवां में हाफिज मोहम्मद ताहिर, मस्जिद ईदगाह लाटशाही में हाफिज हबीबुर्रहमान, ईदगाह पुरानापुल में मौलाना शकील ने नमाज अदा कराई। ऐसे ही अन्य इलाकों की मस्जिदों और ईदगाहों में भी उलेमाओं ने नमाज अदा कराई।

गरीबों में बांटा तबर्रुक
बकरीद पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अल्लाह के नाम पर छोटे-बड़े जानवरों की कुर्बानी दी और कुर्बानी के गोश्त को तबर्रुक (प्रसाद) के रूप में गरीबों में बांटा। मौलाना शमीम ने बताया कि इस्लाम में कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटते हैं। इसमें पहला अपने, दूसरा रिश्तेदारों और तीसरा हिस्सा गरीबों के लिए होता है।


मेले जैसा रहा माहौल

बकरीद की नमाज के दौरान जामा मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास मेले जैसा माहौल रहा। नमाज के बाद नूरानी माहौल में बच्चे अपने अजीजों के साथ गुब्बारे, खिलौने और आइसक्रीम खरीदते दिखाई दिए।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें