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Varanasi News: अहंकार से बुद्धि व ज्ञान का हरण और मनुष्य का है शत्रु

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वाराणसी। आचार्य तुंगनाथ त्रिपाठी ने कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार बढ़ता है तब-तब धर्म की स्थापना और अधर्म नाश के लिए प्रभु अवतार लेते हैं। दुरात्मा कंस के पापों के नाश के लिए ही भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य होता है। करौंदी स्थित महामना नगर कालोनी में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी सजाई गई। भगवान श्रीकृष्ण की वेष में बालक के दर्शन से भक्तजन नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... जयकारे लगाकर झूमते और नाचते हैं। कथा मंडप को फूल माला और गुब्बारों से सजा था। बधाई गीत गूंजे। भागवत प्रवक्ता आचार्य तुंगनाथ त्रिपाठी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग का सुंदर वर्णन कर सभी को आनंदित किया। कहा कि भाद्रपद मास की कृष्ण अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र में प्रभु का जन्म हुआ। जामवंती देवी ने पूजा व आरती की।
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