अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई), वाराणसी में आयोजित रीइमैजिनिंग टीचर एजुके
अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) में आयोजित राष्ट्रीय परामर्श बैठक में विकसित भारत से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई। आईयूसीटीई गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन प्रो.जेएस राजपूत ने कहा कि विकसित भारत 2024 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए शैक्षिक अनुसंधान को बढ़ावा देने पर ध्यान देना होगा। रीइमैजिनिंग टीचर एजुकेशन फॉर विकसित भारत 2047 विषयक बैठक में शिक्षक शिक्षा में डिजिटल शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भारतीय ज्ञान परम्परा, भारत-केंद्रित शिक्षण-अधिगम, विद्यालयी,उच्च शिक्षा के बीच समन्वय पर चर्चा की गई। प्रो. जेएस राजपूत ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आईयूसीटीई को एक सशक्त थिंक टैंक की भूमिका निभानी होगी। विद्या भारती उच्चशिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री केएन रघुनंदन ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमें एक राष्ट्रीय दृष्टि के साथ आगे बढ़ना होगा। इससे राष्ट्र की शिक्षा को एक सार्थक एवं सुदृढ़ दिशा मिल सके। आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेमनारायण सिंह ने वर्ष 2022 से आईयूसीटीई द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बैठक से प्राप्त सुझावों के आधार पर केंद्र की भावी कार्ययोजना तैयार होगी। कार्यक्रम में प्रो.एसी पांडेय, प्रो.पीनाग, प्रो.सीबी शर्मा, प्रो. अमित कौट्स मौजूद रहे।