वाराणसी। देश के पहले कौशल विकास विश्वविद्यालय के बनाए जाने की दिशा में कार्रवाई तेज हो गई है। भंदहाकला और रजवारी में करीब 50 एकड़ जमीन में बनने वाले विश्वविद्यालय के लिए बृहस्पतिवार को डीएम कौशल राज शर्मा अधिकारियों के साथ प्रस्तावित जमीन को देखने पहुंचे। यहां उन्होंने जमीन के राजस्व रिकार्ड की जांच सहित अन्य कार्रवाई समय से पूरी करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।
कौशल विकास विश्वविद्यालय खुलने के बाद न केवल वाराणसी बल्कि पूर्वांचल के युवाओं को कौशल विकास से जुड़े हुनर के बारे में जानकारी मिलेगी। यहां पढ़ाई के साथ ही कौशल विकास मिशन के तहत तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा में शोध का अवसर भी युवाओं को मिलेगा। कौशल विकास मंत्रालय की ओर से इस बारे में जिला प्रशासन से प्रस्ताव मांगा गया है। प्रशासन की ओर से पिंडरा में जमीन प्रस्तावित की है। जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह, एसडीएम सदर प्रमोद पांडेय, तहसीलदार सदर मनोज कुमार पाठक के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पिंडरा एसडीएम को जमीन के राजस्व रिकार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की जांच करने को कहा है। बताया कि अगले सप्ताह तक मंत्रालय को जमीन के बारे में प्रस्ताव बनाकर भेज दिया जाएगा। बताया कि यहां हेल्थ केयर और फिजियोथिरेपी, डाटा कलेक्ट करने का प्रशिक्षण, वेलनेस मैनेजमेंट प्रोग्राम, कृषि की नवीन तकनीक आधारित पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे।