वाराणसी। हाइडलबर्ग विश्वविद्यालय जर्मनी के संस्कृत विभाग के डॉ. आनंद मिश्र ने कहा कि प्राचीन भारतीय चिंतन परंपरा वैदिक विज्ञान को समझने का सतत प्रयास है। आधुनिक विज्ञान के सिद्धांत सारगर्भित रूप में वेदों में विद्यमान हैं। वह शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वेद विज्ञान अनुसंधान केंद्र की ओर से आयोजित व्याख्यान शृंखला को संबोधित कर रहे थे।
आचार्य आनंद ने कहा कि मुख्यत: भारतीय वैज्ञानिकों एवं आचार्यों का मुख्य उद्देश्य वैदिक वांग्मय में आधुनिक विज्ञान के सिद्धांतों एवं आविष्कारों को पहचानने का होना चाहिए। वैदिक विज्ञान की इस विचारधारा का अनुगमन भारतीय शिक्षण संस्थाओं में विभिन्न स्तरों पर हो रहा है। वेदों के अनुसार आध्यात्मिक आंतरिक जगत एवं भौतिक बाह्य जगत एक दूसरे से संबद्ध हैं। आधुनिक विज्ञान एवं गणित के क्षेत्र के अनेक तथ्य वेदों में निहित हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने की। संयोजन एवं धन्यवाद प्रो. महेंद्र पांडेय ने किया। मंगलाचरण डॉ. राजा पाठक, सह संयोजन डॉ. सत्येन्द्र यादव एवं संचालन डॉ. मधुसूदन मिश्र ने किया। इस दौरान प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. हेतराम कछवाह, प्रो. रामपूजन पांडेय आदि मौजूद रहे।