फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पढ़ाई से वंचित बच्चों के चिन्हांकन, नामांकन में जिले की स्थिति खराब

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्हांकन, नामांकन व उनकी डाटा एंट्री में वाराणसी के स्थिति असंतोषजनक है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से जारी पत्र में इस पर असंतोष जताया गया है।
विज्ञापन

परियोजना कार्यालय से जारी निर्देश में कहा गया है कि 7 से 14 वर्ष तक के ऐसे बच्चे जो या तो स्कूल कभी गए नहीं या फिर छोड़ चुके हैं उन्हें पहचान कर दोबारा 2020- 21 में विद्यालय लाना है। इन बच्चों की डाटा एंट्री 15 सितंबर तक करनी थी। लेकिन इटावा, बांदा, रायबरेली, सुल्तानपुर, जालौन, मेरठ, मिर्जापुर, वाराणसी, संत रविदासनगर (भदोही), बरेली, हरदोई, मथुरा आदि का प्रदर्शन असंतोषजनक है।
जिले में आउट ऑफ स्कूल में 7 से 14 वर्ष के 1778 बच्चों को चिन्हित किया गया है। जिसमें 1486 बच्चों का नामांकन कराया गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने पत्र में कहा है कि आउट ऑफिस स्कूल बच्चों का विवरण तैयार करना प्राथमिकता में शामिल हो। विभाग को हर हाल में 10 नवंबर तक बच्चों के विवरण का डाटा एंट्री कार्य शारदा पोर्टल पर अपलोड कराना होगा।
विज्ञापन

ऐसे बच्चे जो पढ़ाई से वंचित हैं उनके लिए प्रदेश सरकार ने शारदा स्कूल योजना शुरू की थी। इसमें उन बच्चों की तलाश की जाती है, जिनका किसी स्कूल में नामांकन नहीं हो पाया है या नामांकन के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी है। आउट ऑफ स्कूल बच्चों को नए सत्र में प्रवेश दिलाया जाता है । यूनिसेफ के सहयोग से सर्व शिक्षा अभियान ने इसके लिए पोर्टल तैयार किया है। इसमें बच्चों के नामांकन से संबंधित सारी जानकारियां मौजूद रहती हैं।
जिले में 7 से 14 वर्ष के 4783 बच्चों का टारगेट है, जिसमें 778 चिन्हित किए जा चुके हैं व 1486 बच्चों का नामांकन भी कराया जा चुका है। जल्द ही अन्य बच्चों का भी प्रवेश कराकर उनका भी डाटा अपलोड कर दिया जाएगा। - राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें