सपा नेता अबू आजमी की 250 करोड़ की संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय ने शुरू कर दी है। लखनऊ स्तर के अधिकारियों की टीम संपत्तियों का ब्योरा खंंगाल रही है। वहीं, विनायक ग्रुप पर दर्ज मुकदमे के मामले में कैंट पुलिस के विवेचक ने वीडीए अधिकारियों से मुलाकात की है, दावा है कि जांच की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। आयकर विंग के अधिकारियों की टीम ने पिछले छह अक्तूबर को वाराणसी में विनायक ग्रुप के यहां छापा मारा था। तीन दिन तक चली जांच की कार्रवाई में मलदहिया स्थित सी टावर के दो फ्लोर और शिवपुर सेंट्रल जेल रोड स्थित वरुणा गार्डेन के 42 फ्लैट सीज करते हुए अबू आजमी की ढाई सौ करोड़ की बेनामी संपत्ति का खुलासा किया था। इस दौरान मलदहिया स्थित विनायक ग्रुप के सभी बैंक खाते को सीज भी किया है। छापे में लखनऊ और वाराणसी समेत अन्य शहर के अधिकारियों की टीम शामिल थी। इसके बाद उप आयकर निदेशक (जांच) लखनऊ ने वीडीए को भी पत्र लिखकर विनायक ग्रुप के वरुणा गार्डेन परियोजना के प्रपत्रों की जांच और मुकदमा दर्ज कराए जाने का निर्देश दिया था। इस पत्र के आधार पर वीडीए के जोनल अधिकारी प्रकाश कुमार ने 18 अक्तूबर को कैंट थाने में वरुणा गार्डेन परियोजना के बाबत कूटरचित, धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया। कैंट थाने के क्राइम इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार यादव इस केस के विवेचक हैं।