वाराणसी। 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के तहत बृहस्पतिवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दूसरी किस्त जारी की तो उसमें प्रवासी श्रमिकों, किसानों और रेहड़ी वालों को खास ख्याल रखा। किसानों को कम ब्याज पर लोन, प्रवासी श्रमिकों को जनपद में ही रोजगार और कम किराये पर मकान और फेरी पटरी वालों को भी आर्थिक मदद के साथ राहत दी गई। जिले में तीन लाख से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। जिले में 2 लाख 62 हजार किसान, करीब 29 हजार श्रमिक और 25 हजार के आसपास फेरी पटरी व्यवसायी हैं। लॉकडाउन में जहां प्रवासी मजदूरों की हालत खराब है, वहीं फेरी पटरी वाले भी भुखमरी के कगार पर आ गए हैं।
किसानों को सस्ती दर पर लोन, किसान क्रेडिट कार्ड, मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने के साथ ही उन्हें कम किराए पर मकान की सुविधा दी जाएगी। फेरी पटरी व्यवसायियों को भी आर्थिक मदद मिलेगी। -सोमनाथ विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष, महानगर उद्योग व्यापार समिति
किसानों के साथ ही फेरी पटरी व्यवसायियों को आर्थिक राहत और प्रवासी मजदूरों को राहत देने का निर्णय बेहद स्वागत भरा है। हालांकि छोटे व मझोले व्यापारियों के लिए भी सरकार को सोचना चाहिए। -राकेश जैन, अध्यक्ष, काशी व्यापार प्रतिनिधिमंडल
इस पैकेज से फेरी पटरी वाले व्यवसायियों को राहत मिलेगी। प्रवासी मजदूरों के लिए तीन माह तक मुफ्त राशन देने का फैसला बहुत ही सराहनीय है।-प्रमोद अग्रहरि, महामंत्री, वाराणसी व्यापार मंडल
रेहड़ी पटरी वालों को 10000 आर्थिक धनराशि बिना गारंटी मुहैया कराई जाएगी। जिसमें जिले के 24472 वेंडरों को लाभ मिलने की उम्मीद है। -अभिषेक निगम, सचिव, फेरी पटरी ठेला व्यवसायी समिति।