ई-मार्केटिंग के गुर सीखतीं मुस्लिम महिलाएं
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तीन तलाक पर चल रही बहस के बीच वाराणसी में इससे पीड़ित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और उल्लेखनीय प्रयास किया गया है। तलाकशुदा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से एक ओर देश का पहला महिला कौशल विकास केंद्र शुरू हुआ, वहीं सोमवार को उनके लिए ई-मार्केटिंग प्रशिक्षण केंद्र की भी शुरुआत हो गई।
अब वे अपने कौशल और हुनर को खुद ही बाजार तक पहुंचाएंगी। तलाक का दंश झेल रही महिलाओं को संबल और सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुस्लिम महिला फाउंडेशन की पहल पर बादशाहबाग स्थित साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट पिशाच मोचन में किया गया। केंद्र का उद्घाटन पातालपुरी मठ महंत बालकदास ने किया।
केंद्र के निदेशक अजय सिंह ने बताया कि सिलाई-कढ़ाई, बुनकरी, हस्तशिल्प आदि में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं अपने बनाए उत्पादों की बिक्री खुद कर सकें, इसके लिए उन्हें ई-मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्हें इस लायक बनाया जाएगा कि वो लघु उद्यम शुरू कर सकें और दूसरों को रोजगार दे सकें। ऑनलाइन मार्केटिंग के साथ रिटेल मैनेजमेंट की जानकारी दी जाएगी। कोई बिचौलिया नहीं, सीधे उनके खाते में पैसा जाएगा।
विशिष्ट अतिथि मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने बताया कि तीन माह में महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होंगी।
विशाल भारत संस्थान के संस्थापक डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि तीन तलाक के खिलाफ सामाजिक संस्थाओं की लड़ाई और पीड़ित महिलाओं को सशक्त बनाने का अभियान जारी रहेगा।