शहर को स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए परिवहन निगम की ओर से ई-बसों का संचालन होगा। यात्रियों को आम बसों से ज्यादा आरामदायक कुर्सियां और पैक खिड़कियां मिलेंगी, जिससे आम बसों की तरह धुल और बाहर की प्रदूषण युक्त हवा बस के अंदर नहीं आ सकेगी। बस में अंदर और बाहर डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन लगी होगी, जिससे लोग आने वाले स्टाप को सामने देख सकेंगे।
एक नजर में
- चार्जिंग डिपो बनते ही शहर की सड़कों पर बसें दौड़ने लगेंगी।
- 12 करोड़ 30 लाख की लागत से तैयार हो रहा चार्जिंग स्टेशन
- जल निगम के कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज द्वारा कराया जा रहा तैयार
- मिर्जामुराद के गौर गांव में करीब 53 बिस्वा भूमि में बन रहा है ई चार्जिंग स्टेशन
गाजियाबाद से ट्रेलर (ट्रक) पर लदकर सोलह-सोलह सौ केवीए के बड़े -बड़े दो विद्युत ट्रांसफार्मर मंगलवार को मिर्जामुराद में निर्माणाधीन चार्जिंग स्टेशन पर पहुंचे। जहां इन दोनों ट्रांसफार्मरों को क्रेन की मदद से उतारा गया।