स्वर्वेद मंदिर में पीएम मोदी
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जब काशी का विकास होता है तो यूपी का विकास...
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब काशी का विकास होता है तो यूपी का विकास होता है और जब यूपी का विकास होता है तो देश का विकास होता है। इसी भाव के साथ यहां करीब 19 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें पीने के पानी की सप्लाई, ट्रॉमा सेंटर में क्रिटिकल केयर यूनिट, सड़क, बिजली, गंगा घाट, रेलवे, एयरपोर्ट, सौर ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों के प्रोजेक्ट विकास की गति को और तेज करेंगे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर वाराणसी से नई दिल्ली के लिए दूसरी वंदे भारत ट्रेन सहित चार रेलगाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
करोड़ों लोग विकसित भारत संकल्प यात्रा में जुड़ रहे हैं
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज काशी समेत सारा देश विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। विकसित भारत संकल्प यात्रा हजारों गांव और हजारों शहरों में पहुंच चुकी है। इस यात्रा में गाड़ी चल रही है जिसे देशवासी मोदी की गारंटी वाली गाड़ी बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि भारत सरकार द्वारा गरीब कल्याण के लिए जो भी योजनाएं बनाई गई हैं, उनसे कोई लाभार्थी वंचित ना रहे। पहले गरीब सरकार के पास चक्कर लगाता था अब सरकार खुद चलकर गरीबों के पास जा रही है। इससे सबसे बड़ी चीज जो लोगों को मिली है वो है विश्वास। जिन्हें योजनओं का लाभ मिला है उन्हें ये विश्वास मिला है कि उनका जीवन और बेहतर होगा। जिन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उन्हे भी ये विश्वास मिला है कि एक ना एक दिन योजना का लाभ मिलेगा। देश के अंदर ये विश्वास भी बढ़ा है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा।
नमो घाट पर आयोजित काशी तमिल संगमम के उद्घाटन समारोह में प्रदर्शनी का अवलोकन करते पीएम मोदी व अन्य
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मुझे भी मिला लाभ
उन्होंने कहा विकसित भारत संकल्प यात्रा में शामिल होने से उन्हें बहुत लाभ मिला है। आत्मविश्वास से भरे बच्चों और महिलाओं से मिलकर ये पता चलता है कि समाज के भीतर कैसी शक्ति छिपी पड़ी है। एक से बढ़कर एक सामर्थ्यवान माताओं, बच्चों, युवाओं को देखने, समझने जानने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि दो दिन के काशी प्रवास से इतना कुछ सीखने को मिला कि उनका जीवन धन्य हो गया है।
काशी की आय बढ़ाने के लिए डबल इंजन की सरकार लगातार काम कर रही
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर भोजपुरी में कहा, ''कहल जाला काशी कबहूं न छांड़िए विश्वनाथ दरबार।'' उन्होंने कहा कि सरकार काशी में रिहाइश आसान बनाने के साथ ही काशी को जोड़ने के लिए भी उतनी ही मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि काशी में पर्यटन का लगातार विस्तार हो रहा है। इससे रोजगार के हजारों नये अवसर बने हैं। प्रधानमंत्री ने भोजपुरी में जनता से पूछा कि ''एक बार बतावा, गोदौलिया से लंका तक टूरिस्टन क संख्या बढ़ल हव कि नाही।'' उन्होंने कहा कि काशी की आय बढ़ाने के लिए डबल इंजन की सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत यूनिफाइड टूरिस्ट पास सिस्टम की भी जानकारी दी साथ ही वाराणसी की टूरिस्ट वेबसाइट के बारे में भी बताया, जिसे आज लांच किया गया है। उन्होंने भोजपुरी में ही कहा कि, ''जे बाहर से आवला ओके थोड़ी न पता ह कि ई मलइयो क मौसम हव, जाड़ा में चूड़ मटर क आनंद कोई बाहरी कइसे जान पाई, गोदौलिया क चाट हो चाहे रामनगर क लस्सी ई सब जानकारी वेबसाइट पर मिल जाई।''
बच्ची ने सुनाई पीएम मोदी को कविता
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ड्रोन हमारी कृषि व्यवस्था का भविष्य गढ़ने वाला है
प्रधानमंत्री ने दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से न्यू भाऊपुर जंक्शन के बीच शुरू हुए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, चित्रकूट में लगने वाले 800 मेगावाट के सौर ऊर्जा पार्क सहित लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कृषि में ड्रोन टेक्नोलॉजी के महत्व पर कहा कि ड्रोन हमारी कृषि व्यवस्था का भविष्य गढ़ने वाला है। सरकार ने नमो ड्रोन दीदी का शुभारंभ किया है। इस अभियान के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं उन्होंने बनास डेयरी प्लांट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका निर्माण बनारस में तेजी से हो रहा है। अगले एक-दो महीने में ये पूरा हो जाएगा। बनास डेयरी काशी में 500 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है।
मोदी की गारंटी के पीछे काशीवासियों की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों से पूर्वांचल का पूरा इलाका बहुत उपेक्षित रहा है, मगर महादेव के आशीर्वाद से मोदी आपकी सेवा में जुटा है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी के पीछे काशी के मेरे स्वजनों की ताकत है। आप हमेशा मेरे साथ खड़े रहते हैं मेरे संकल्पों को सशक्त करते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर सिंह, अनिल राजभर, रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु सहित अन्य गणमान्य और भारी संख्या में काशी की जनता मौजूद रही।