नवरात्र के समापन के बाद पंडालों और घरों में स्थापित शक्ति स्वरूपा की प्रतिमाओं का काशी में शनिवार को विसर्जन किया गया। भक्ति गानों के धुन पर नाचते गाते आयोजक सदस्य कुंडों और सरोवर तक पहुंचे। कई प्रतिमाओं को विसर्जन से पहले शहर में भ्रमण कराया गया। विधि-विधान से पूजन करने और अगले वर्ष पुन: पधारने के आग्रह के साथ मां की प्रतिमाओं को कुंडों में विसर्जन किया गया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
विज्ञापन
2 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
शुक्रवार से चले रहे विसर्जन का कार्य शनिवार की देर शाम तक चलता रहा। खिड़किया घाट पर बनाए गए गंगा सरोवर में शुक्रवार को जिले की 78 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इसमें से 22 प्रतिमाएं आदमपुर थाना क्षेत्र की रहीं।
विज्ञापन
3 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
प्रतिमा विसर्जन के लिए सड़क के एक छोर को आरक्षित किया गया था। इसके साथ ही खिड़किया घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर लाइट की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे इंस्पेक्टर आदमपुर राजीव सिंह ने बताया कि आदमपुर थाना क्षेत्र में कुल 23 मूर्तियां बैठाई गई थीं, जिसमें से 22 का विसर्जन शुक्रवार को किया गया।
4 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
वहीं गोलगड्डा क्षेत्र में स्थापित की गई एक प्रतिमा का विसर्जन शनिवार की रात में किया गया। जबकि मलहिया में बने गंगा सरोवर में 11 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, यहां छह प्रतिमाओं का विसर्जन बाकी है। एक प्रतिमा का विसर्जन बीएचयू कैंपस में स्थित तालाब में किया गया।
विज्ञापन
5 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
भिखारीपुर तालाब में तीन प्रतिमाओं का विसर्जन शनिवार की शाम को किया गया। इसके अलावा शहर की अन्य प्रतिमाओं का विसर्जन मंदाकिनी कुंड, लक्ष्मी कुंड, शुकुलधारा और ईश्वरगंगी तालाब में किया गया।
विज्ञापन
6 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
बंगी समाज के अनुसार मां की प्रतिमा विसर्जन से पहले सिंदूर लगाने की परंपरा है। इसमें मां को सिंदूर चढ़ाने के बाद आपस में भी महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगती हैं। मान्यता यह है कि मां की प्रतिमा की विदाई से पहले सिंदूर लगाने और मां से आशीर्वाद लेने से महिलाएं सुहागिन बनी रहती हैं।
पति की दीर्घायु के लिए निभाई जानी वाली यह परंपरा बंगाली टोला क्षेत्र में देखने को मिली। महिलाओं ने शुक्रवार को श्रद्धा पूर्वक इस परंपरा को निभाया और इसके बाद मां की प्रतिमाओं का विसर्जन किया।