सबसे बड़ा संकट प्रतिमा विसर्जन का है। कहीं तालाब से दुर्गंध उठ रही है तो कहीं पानी ही नहीं है। तबेले का पानी गिरने वाले तालाब में विसर्जन के लिए जगह देने की बात चल रही है। 512 दुर्गा पूजा समितियों की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 20 जगह तय किए गए हैं। इस आधार पर एक तालाब में 26 प्रतिमाओं के विसर्जन की चुनौती है। -तिलकराज मिश्रा, अध्यक्ष, केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति
सनातनी सरकार से अपेक्षाएं बहुत हैं, लेकिन अधिकारी उन पर खरे नहीं उतर रहे हैं। प्रतिमा विसर्जन पर संकट के बादल हैं। लक्ष्मीकुंड की स्थिति खराब है। शंकुलधारा पोखरा बंद कर दिया गया है। विनायका में विसर्जन स्थल पर थीम पार्क बन रहा है। सनातनी परंपरा पर आंच आई तो समितियां बड़े आंदोलन के लिए तैयार है। -एड. तरुण मुखर्जी, उपाध्यक्ष, श्री वाराणसी दुर्गोत्सव समिति
विसर्जन में दुर्दशा से तकलीफ होती है। गंदगी खुद साफ करते हैं। बंदर पंडालों को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। अधिकारी केवल गलतियों पर जुर्माना लगाना और नोटिस देने तक ही सीमित हैं। -डॉ. संजय गुप्ता, कोषाध्यक्ष, प्रीमियर बॉयज क्लब, हथुआ मार्केट
मूर्तियों के विसर्जन के लिए जाल लगवाया जाए। मूर्तियां क्रेन से उठवाई जाएं। पंडालों के बाहर मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था नगर निगम की ओर से की जानी चाहिए। -राकेश गुप्ता, अध्यक्ष, श्री श्री दुर्गा पूजा समिति, मिनी स्टेडियम शिवपुर
लक्ष्मीकुंड तालाब में पानी ही नहीं है। बदहाल सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की गई है लेकिन जिम्मेदार हैं कि सुनते ही नहीं। नगर निगम में शिकायत करने पर अधिकारी कहते हैं कि खुद से व्यवस्था करिये। -सूरज जायसवाल, कार्यवाहक अध्यक्ष, सनातन धर्म दुर्गा पूजा पंडाल
प्रशासन के पास किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। बंदर उत्पात मचा रहे हैं। 47 वर्षों से आयोजन कर रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्षों से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -मुकेश जायसवाल, संस्थापक, सनातन धर्म दुर्गा पूजा पंडाल
समितियों संग बैठक में अधिकारी कुछ वादे करते हैं और मौके पर निरीक्षण के समय उनका रवैया बदल जाता है। तीन साल से रूट डायवर्जन के लिए कहा जा रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -अमित कुमार राय, अध्यक्ष, न्यू डी-लाईट क्लब, अर्दली बाजार
दुर्गा पूजा में सड़क पर जाम सबसे बड़ी समस्या है। डायवर्जन हो तो इससे राहत मिलेगी और भक्तों को दुर्घटनाओं से सुरक्षा भी मिलेगी। -रौशन गुप्ता, संगठन मंत्री, न्यू डी-लाईट क्लब, अर्दली बाजार
पंडाल में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। नगर निगम व जलकल से पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है। एंट्री और एिग्जट पॉइंट की स्थिति दयनीय है। प्रशासन को व्यवस्थाएं सुधारनी चाहिए। -शुभम सेठ, मीडिया प्रभारी, प्रीमियर बॉयज क्लब, हथुआ मार्केट
लक्ष्मीकुंड के पास सांस लेना भी मुश्किल है। कुंड में पानी ही नहीं है तो विसर्जन कैसे होगा। अब थानेवार बैठक होती है और इसमें केवल आदेश दिया जाता है। -रवि पाल, अध्यक्ष, ईगल क्लब, जंगमबाड़ी
सारंग तालाब पोखरे को बंद कर दिया गया है। विसर्जन के लिए जो जगह दी गई है, उसमें नाले का पानी गिर रहा है। भैंसें नहा रही हैं। विसर्जन के दौरान निकलने वाली शोभायात्रा में भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं होते हैं। -हिमांशु यादव, कार्यवाहक अध्यक्ष, जय माता दी स्पोर्टिंग क्लब, अर्दली बाजार
गंदे पानी में विसर्जन नहीं हो सकता है। मां दुर्गा की प्रतिमा नहीं, हमारी आस्था है। इससे लोगों की भावनाएं आहत होंगी। विसर्जन कुंड और तालाब की सफाई कराई जानी चाहिए। -अभिषेक सोनकर, महामंत्री, न्यू डी-लाईट क्लब, अर्दली बाजार
सड़कें खराब हैं। कचहरी के पास कई बार जाम और सुरक्षा कारणों से रूट डायवर्जन के लिए निवेदन किया गया लेकिन प्रशासन ने एक नहीं सुनी। दुर्गा पूजा में बारिश हो जाए तो घुटने तक पानी भर जाता है। -अनूप कुमार सिंह, उपाध्यक्ष, न्यू डी-लाईट क्लब
प्रशासन ने राय साहब पोखरे में विसर्जन करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन वहां गंदगी इतनी कि पांच किमी दूर गंगा सरोवर में प्रतिमा ले जाना पड़ता है। प्रशासन से केवल आश्वासन मिलता है। -राकेश जायसवाल, अध्यक्ष, न्यू लोटस क्लब, लहरतारा
खजुरी से पांडेयपुर मार्ग पर खोदाई के कारण बांस-बल्ली नहीं लग पा रही है। अधिकारी बस टालमटोल कर रहे हैं। विसर्जन के समय सुरक्षा के नाम पर सिर्फ पुलिस मौजूद होती है। -देवांश मनीष चौबे, महामंत्री, काशी शारदीय उत्सव समिति पांडेयपुर
समस्याओं के समाधान का प्रयास नहीं होता है। बैनर, पोस्टर के लिए नगर निगम नोटिस तो जारी कर देता है लेकिन श्रद्धालुओं और आयोजकों को सुविधाएं नहीं दी जातीं। -विमान गुहा, सचिव, ईगल क्लब, जंगमबाड़ी