बच्चों को टीका समय से इसलिए लगाया जाता है, उनको बीमारियों से बचाया जा सके। लेकिन शहरी और ग्रामीण इलाकों में 300 ऐसे परिवार हैं, जो बच्चों को टीका नहीं लगवाना चाहते हैं। इन घरों में ऐसे करीब 1000 बच्चे हैं, जिनको टीका लगाया जाना बहुत जरूरी है। अब सोमवार से अभियान में नगर निगम पार्षदों के साथ ही ग्रामीण इलाकों में ग्राम प्रधान का सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा मजिस्दों से अनाउंसमेंट कराकर धर्म गुरुओं के माध्यम से ऐसे लोगों को बच्चों को टीका लगवाने की अपील भी की जा रही है।
पांच साल तक के बच्चों को शत प्रतिशत टीका लगाया जा सके, इसके लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान के दूसरे चरण की शुरूआत सोमवार से होगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.एके मौर्या ने बताया कि जैतपुरा, मदनपुरा, बजरडीहा, लल्लापुरा, कजाकपुरा आदि मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में स्वास्थ्य टीम के घर पहुंचने के बाद परिवार के लोग टीका लगवाने से मना कर टीम को वापस कर देते हैं। टीम से घर में बच्चे न होने की जानकारी देते हैं। शहर में 258 परिवार के करीब 900 ऐसे बच्चे हैं, जो टीके से वंचित हैं। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में भी 42 ऐसे परिवार हैं।