उसका कहना था कि मुढै़ला में एक बिस्वा जमीन की कीमत अब 20 लाख रुपये है। एक ही बिस्वा का जमीन मिल जाए तो ठीक रहेगा, लेकिन राजेश इतना पैसा देने के लिए किसी भी सूरत में तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर सोमवार की शाम ससुर और दामाद के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद दिनेश मुढ़ैला स्थित अपने किराये के कमरे पर गया। मंगलवार की सुबह दिनेश फिर अपनी ससुराल पहुंचा। उन्होंने अपने लाइसेंसी असलहे से गोली मारकर साले गोपाल सिंह की हत्या कर दी। इसके बाद उसी असलहे से खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
दिनेश शर्मा मंगलवार की सुबह घर से अपना लाइसेंसी असलहा लेकर निकला था। उसने पत्नी संजू से कहा था कि आज सारा फैसला हो जाएगा। इस पर संजू ने अपने पिता और भाई को फोन किया और कहा था कि उनके पति घर से बेहद गुस्से में असलहा लेकर निकले हैं। वह अगर कुछ कहें तो कोई घर से बाहर निकलकर ना आए। दिनेश शर्मा अपने ससुर के घर के सामने पहुंचा तो कुछ देर तक सामने की सड़क पर टहलता रहा। इसके बाद उन्होंने अपने साले गोपाल को फोन करके बाहर आने को कहा। गोपाल ने बहन की बात को अनसुना किया और अपने पिता के साथ बाहर निकल आया। इसी बीच दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, फिर दिनेश ने गोली मारकर गोपाल की हत्या कर दी और खुद को भी गोली मार ली।
मंगलवार की रात गोपाल का शव घर पहुंचा तो उनकी पत्नी प्रिया बेहोश हो गई। होश में आने पर प्रिया बस यही रट रही थी कि हमारे ससुर की गलती की सजा हमारे निर्दोष पति को मिली। हमारा जीवन बर्बाद हो गया। अब किसके सहारे रहेंगे। कौन देखभाल करेगा। प्रिया की चीत्कार जिसने भी सुनी, लगा कि उसका कलेजा फट जाएगा। आंसू अपने आप गिरने लगे।
दिनेश शर्मा इन दिनों पैसे को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान था। इसकी अहम वजह उनकी पत्नी और बेटे का इलाज था। दिनेश की पत्नी की रीढ़ की हड्डी में समस्या है। इकलौते बेटे के दिल में छेद है। पत्नी और बेटे के इलाज में खर्च हो रहे पैसे को लेकर वह बहुत तनाव में रहते थे। इसके बारे में उन्होंने अपने ससुर को भी बताया था। दिनेश अपने करीबियों से कहते भी था कि उनके ससुर उनकी जमीन दे देंगे तो वह उसे बेच कर पत्नी और बेटे का अच्छे से उपचार करा लेगा। मगर, होनी को कुछ और ही मंजूर था।