बलिया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पर शुक्रवार की सुबह एक महिला की मौत हो गई। महिला के परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने नशे धुत में होकर दवा लिखी, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने सीएमओ से शिकायत की तथा चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया।
बताया जाता है कि उभांव थाना क्षेत्र के चंदाडीह (बुढावर) निवासी दीपक मिश्रा की माता प्रेमा मिश्रा (60) की तबीयत सुबह करीब छह बजे खराब हो गई। दीपक अपनी मां को लेकर सिकंदरपुर सीएचसी पहुंचा, जहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ अंशुल निशांत दुबे नशे की हालत में थे।
जब दीपक ने अपनी मां के इलाज के लिए उनसे कहा तो वे गाली-गलौज देते हुए और कहा कि सुबह-सुबह तुम लोग आ जाते हो। इस पर वहां मौजूद अन्य कर्मचारी के कहने पर डॉ अंशुल ने दवा पर्ची पर लिखकर दे दी। दवा और इंजेक्शन दीपक लाकर डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने कर्मचारियों से इंजेक्शन लगाने को कहा।
इंजेक्शन लगते ही उनकी मां की तबीयत और बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने तुरंत डॉक्टर को बताया। लेकिन डाक्टर देखने के बजाय युवक को मारने के लिए दौड़ा लिया। इसी बीच महिला की मौत हो गई। परिजनों ने इसकी तत्काल सूचना सीएमओ को दी। उन्होंने चिकित्सक की लापरवाही से महिला की मौत होने का आरोप लगाया है।