वाराणसी। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन, दवा विक्रेता समिति की संयुक्त बैठक में कारोबारियों ने एफडीए विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मंडी क्षेत्र के थोक दवा व्यापारी वर्षों से विभागीय जांच में सहयोग करते आए हैं। नियमानुसार यदि अनियमितता पाई जाती है तो विभाग पहले कारण बताओ नोटिस जारी करता है। संतोषजनक जवाब न होने पर ही लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने की प्रक्रिया होती है। कारोबारियों ने आरोप लगाया कि हाल ही में कोडिन युक्त दवाओं की जांच के नाम पर विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी कर एकतरफा कार्रवाई कर दी है। दवा व्यापारियों में भय, आक्रोश और असुरक्षा का वातावरण बन गया है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी वैध जांच में विभाग के साथ हैं, लेकिन बिना नोटिस और बिना उचित पड़ताल के कार्रवाई से परेशानी हो रही है। चेतावनी दी कि एकतरफा कार्रवाई जारी रही तो दवा व्यापार प्रभावित होगा। बैठक में दिनेश कुमार, मनोज खन्ना, विनोद यादव, शैलेश गुप्ता, सुमित सेठ रहे। ब्यूरो