श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में मत्था टेककर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। गंगा घाटों, काशी विश्वनाथ धाम, गोदौलिया सहित प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिस बल, पीएसी और होमगार्ड के जवान तैनात रहे। भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही थी।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा टीम, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की गई थी। प्रशासनिक अधिकारी लगातार घाटों और मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण करते रहे। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के चलते माघ पूर्णिमा का पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की सराहना की।