ड्रेजिंग में गंगा के अंदर 45 से 60 मीटर की होगी खोदाई
आईडब्ल्यूएआई की ओर से बड़े जहाजों के सुगम आवागमन के लिए गंगा में ड्रेजिंग की जाएगी। इसके तहत नदी की सतह में 45 से 60 मीटर तक खुदाई कर रास्ता बनाया जाएगा। साथ ही बड़े पत्थरों को भी हटाया जाएगा। खुदाई के दौरान बड़ी मात्रा में बालू, पत्थर और सिल्ट निकलेगा, जो पानी में ही रह सकता है। इस खोदाई के दोनों ओर जमा सामग्री के कारण पानी की चौड़ाई कम हो सकती है।
वैज्ञानिकों का कहना: चौड़ाई घटेगी, अधिकारी कर रहे इन्कार
बीएचयू में गंगा पर शोध कर रहे वैज्ञानिकों का कहना है कि ड्रेजिंग के कारण गंगा की चौड़ाई घट सकती है। उनके अनुसार गंगा में बड़े मालवाहकों के चलने की संभावना भी सीमित है। गर्मी के दिनों में गंगा में पानी की कमी हो जाती है और कई जगह रेत के टीले दिखाई देने लगते हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि ड्रेजिंग से चौड़ाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।