Varanasi News: बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में प्रो. वासुदेवशरण अग्रवाल और भारत का सांस्कृतिक संदर्भ विषय पर कानपुर से आए विद्वान डॉ. रमाशंकर सिंह अपने विचार रखे।
बीएचयू में रेडियो तरंग विज्ञान के जनक प्रो. जगदीश चंद्र बोस और प्रख्यात पुरातत्वविद प्रो. वासुदेव शरण अग्रवाल के सांस्कृतिक कार्यों पर मंथन हुआ। प्रो. वासुदेवशरण अग्रवाल और भारत का सांस्कृतिक संदर्भ विषय पर कानपुर से आए विद्वान डॉ. रमाशंकर सिंह ने कहा कि सबसे खतरनाक गुलामी वह होती है, जो दिखाई नहीं देती।
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बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में उन्होंने कहा कि मानसिक और बौद्धिक स्तर पर स्थापित निर्भरता व्यक्ति को अपनी ही परंपराओं को दूसरे की दृष्टि से देखने के लिए बाध्य कर सकती है।