डॉ. नीरजा माधव ने बताया कि उन्होंने यह किताब ललित निबंध शैली में लिखी है। यह पुस्तक भारत की संस्कृति, परंपरा, पर्व-उत्सव, लोक जीवन के रंग और इन सबके पीछे छिपे माननीय मूल्यों के गूढ़ अर्थ का आइना है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से इस साल का राजभाषा गौरव पुरस्कार साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव को प्रदान किया गया है। बुधवार को इसकी घोषणा की गई। डॉ. नीरजा को यह सम्मान उनकी कृति भारत का सांस्कृतिक स्वभाव के लिए दिया गया है। यह कृति 2024 में प्रकाशित हुई थी।
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संस्कृति, धर्म, कला, धरोहर को केंद्र में रखकर हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन के लिए यह पुरस्कार गृह मंत्रालय की ओर से दिया जाता है। डॉ. नीरजा माधव ने बताया कि उन्होंने यह किताब ललित निबंध शैली में लिखी है। यह पुस्तक भारत की संस्कृति, परंपरा, पर्व-उत्सव, लोक जीवन के रंग और इन सबके पीछे छिपे माननीय मूल्यों के गूढ़ अर्थ का आइना है।
भारत में प्रचलित सभी सांस्कृतिक उत्सवों और लोक पर्वों के पीछे कोई न कोई वैचारिकी छिपी होती है। यह किताब उसी भारत के स्वभाव को समझाती है। 14 सितंबर को गुजरात के गांधीनगर में गृह मंत्रालय की ओर से आयोजित समारोह में यह पुरस्कार डॉ. नीरजा माधव को दिया जाएगा। उन्हें दो लाख रुपये, प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा।