बीएचयू में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फिरोज की नियुक्ति के विरोध के पंद्रह दिन बाद संकाय में बंद ताला खुल गया है। हालांकि, संकाय में कक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं और सेमेस्टर परीक्षा की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार, फिरोज बनारस में हैं और वह छात्रों को पढ़ाने के लिए तैयार हैं। दो दिन पहले वह विश्वविद्यालय के संबंधित कार्यालय में रिपोर्ट भी कर चुके हैं।
विश्वविद्यालय के एसवीडीवी के साहित्य विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति के लिए पांच नवंबर को डॉ. फिरोज खान कुलपति आवास के सामने होलकर भवन में इंटरव्यू में शामिल हुए। छह नवंबर को उन्हें नियुक्ति पत्र मिला और सात नवंबर को उन्होंने सेंट्रल ऑफिस के संबंधित कार्यालय में ज्वाइन किया।
जब छात्रों ने विरोध शुरू किया तो विभागाध्यक्ष को सूचना देकर वह अवकाश पर चले गए। इस बीच उनके आने-जाने की चर्चा होती रही। सूत्रो के अनुसार, नियुक्ति के बाद से अब तक एक भी दिन फिरोज संकाय नहीं गए है। अब संकाय का ताला खुल गया है और शुक्रवार से विभाग व कार्यालय खुलेंगे। सेमेस्टर परीक्षा की तैयारी को लेकर बैठक भी होनी है। इसमें सभी शिक्षकों को भी शामिल होना है।