नरसिंह के माता-पिता के साथ धरने पर बैठे ग्रामीण।
अंतरराष्ट्रीय पहलवान नरसिंह यादव के गांव नीमा मुरेरी के लोग आज उनके समर्थन में आगे आए और धरना देकर डोपिंग प्रक रण की सीबीआई जांच की मांग की। रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके नरसिंह का डोप टेस्ट पाजिटिव आने के बाद अब उनके ओलंपिक में भाग लेने को लेकर संशय बना हुआ है। उधर, उनके गांव के लोगों का कहना है कि नरसिंह निर्दोष है। उसे फंसाया गया है।
नरसिंह के पिता पंचम यादव और मां भुलना देवी ने कहा कि मेरा बेटा कोई नशा नहीं करता। उसके खिलाफ साजिश हुई है। सीबीआई जांच से ही इसका खुलासा हो सकता है। कहा कि जल्द से जल्द जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाय और नरसिंह को रियो ओलंपिक में खेलने का मौका दिया जाय। परिवार के लोगों के साथ ही गांव के लोगों ने भी नरसिंह प्रकरण में पीएम मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की। कहा कि यदि प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ ऐसा ही सलूक होगा तो देश में खेल का विकास अवरद्ध हो जाएगा।
धरना स्थल पर तय हुआ कि यदि दो दिन के अंदर नरसिंह यादव प्रकरण में कोई फैसला नहीं होता है तो 30 जुलाई को गांव के लोग सतीश चौबे के नेतृत्व में पीएम के संसदीय कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। साफ चेताया कि नरसिंह को न्याय दिलाने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उधर, बुधवार को गांव के लोगों ने नियार बाजार से नरसिंह के समर्थन में मशाल जुलूस निकालने का एलान किया।
मंगलवार को धरने में नरसिंह के पिता पंचम यादव, मांभूलना देवी, सतीश चौबे, सुभाष यादव, लालजी सोनकर, दिलीप चौबे, नथुनी यादव, जितेंद्र यादव, धनंजय यादव, अरविंद सिंह, रामप्यारे सिंह, विदेशी यादव, जगदंबा पहलवान, अमीन कन्नौजिया, डॉक्टर रामलोचन सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।