बनारस में श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर योजना को लेकर चली आ रही बहस ने नया मोड़ ले लिया है। अब मंदिर बचाओ आंदोलनम की बैठक के दौरान डोमराजा के पुत्र विश्वनाथ चौधरी ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मंदिर तोड़ने वालों को चिता के लिए आग नहीं देंगे।
मंदिर को तोड़कर और उनका स्थान बदलने की कोशिश करने वालों को काशी के मणिकर्णिका घाट पर चिता के लिए अग्नि देना संभव नहीं है। मीरघाट पर बरिया चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक के मुख्य अतिथि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती थे।
उधर, योजना का ब्लूप्रिंट अब तक सार्वजनिक न होने और इसे लेकर जनता में भ्रम और नाराजगी की स्थिति पर आरएसएस ने गंभीर रुख अख्तियार किया है।
वस्तुस्थिति की जानकारी के साथ ही मंदिर परिक्षेत्र के लोगों की समस्या और नाराजगी का कारण जानने और आम जनता की राय के अनुरूप समाधान तलाशने के लिए संघ ने अपने अनुषांगिक संगठनों को जिम्मेदारी दी है।