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News: रात में BHU इमरजेंसी का दौरा करें डॉक्टर, ICU भर्ती नीति को सार्वजनिक करने की मांग

Wed, 21 May 2025 06:29 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू के छात्रों ने अस्पताल की समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। पत्रकारवार्ता कर समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने इसके समाधान के लिए मांग की है।
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बीएचयू में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में आए दिन जाम, बाहर की दवा और महंगे जांच से नाराज छात्रों ने मधुबन पार्क में प्रेस वार्ता की। यहां पर 17 सूत्री मांगे रखी। अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाकर पूछा कि आईसीयू में महंगी दवा और बाहर से खून जांच क्यों कराई जा रही है।

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आईसीयू वार्ड में एडमिशन और डिस्चार्ज की नीति को स्पष्ट किया जाए। बाहरी लोग डॉक्टर के चेंबर में पर्चा क्यों बांटते हैं और जांच में होने वाले देरी पर कई सवाल खड़े किए गए। इस दौरान एबीवीपी के सत्यनारायण सिंह और पुनीत मिश्रा समेत कई छात्र मौजूद रहे।

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छात्रों ने रखी ये मांगें
  • बाकी अस्पतालों की तरह से भोजन की व्यवस्था हो।
  • छात्र स्वास्थ्य सेवा संकुल में ओपीडी, सैंपलिंग और इमरजेंसी ओपीडी का समय बढ़े।
  • एक्सरे, एमआरआई और सीटी स्कैन समेत खून संबंधी जांच की रिपोर्ट समस्त मरीज और परिजनों को मोबाइल पर मिले। वेटिंग भी कम करें।
  • एम्स की तरह से एक्सरे और सीटी स्कैन का चार्ज कम किया जाए।
  • भर्ती मरीजों के लिए एंटीबायोटिक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित हो।
  • आईसीयू में एडमिशन और डिस्चार्ज की नीति सार्वजनिक की जाए।
  • आईसीयू में बाहर की महंगी दवाओं और खून रिपोर्ट की जांच हो।
  • दलाल डॉक्टर्स के चैंबर मे पर्चा बांट रहे। इसकी जांच हो।
  • ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले रॉड,प्लेट, स्क्रू, लेंस आदि मरीजों के अटेडेंट से बाहर से मंगवाए जा रहे। ये सिलसिला बंद हो।
  • 10 से 20 हजार तक के महंगे इंजेक्शन ओपीडी के पर्चें पर न लिखे जाए। इसकी उच्च स्तरीय जांच हो।
  • पार्किंग की समुचित व्यवस्था हो।
  • सीनियर डॉक्टर्स शाम और रात को इमरजेंसी का निरीक्षण करें। रात में आने वाले सभी डॉक्टरों को अलग से 10 हजार का भत्ता मिले।
  • ओपीडी में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और छात्रों की हेल्थ डायरी को प्राथमिकता दी जाए।
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