हरे कृष्णा प्रभु जी, राधे-राधे, जय श्रीकृष्णा...के जरिये एक दूसरे का अभिवादन करते भक्तों की टोली। वेशभूषा से भले ही वह भक्ति भाव में डूबे नजर आते हैं लेकिन इनमें कोई डॉक्टर है तो इंजीनियर। ये राधा-कृष्ण की भक्ति की ही प्रीत है जो इन्हें कर्म के साथ धर्म को निभाने की प्रेरणा देती है। जी, हम बात कर रहे हैं हरे कृष्ण, हरे राम संकीर्तन सोसाइटी से जुड़े भक्तों की। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और राधाष्टमी की तैयारियों के लिए सोसाइटी से जुड़े हर कृष्णभक्त की कहानी अलग-अलग है। ये सभी चार महीने पहले ही पूरे परिवार के साथ आयोजनों की तैयारियों में जुट जाते हैं। राधा-कृष्ण की प्रीत का ही कमाल है कि पेशे से इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, अध्यापक होने के बाद भी अपना समय निकालकर हर रविवार को घर-घर राधा-कृष्ण का भजन व तुलसी आरती बड़े उल्लास के साथ करते हैं।
भगवान की कृपा से हो रहा है सब काम
इंजीनियरिंग के पेशे के साथ ही साथ राधा-कृष्ण की सेवा भक्ति करने के लिए समय निकालना सुखदायक लगता है। भजन भक्ति करने से जीवन में जो आनंद की अनुभूति होती है उसे शब्दों में बयां नहीं सकता। - कृष्ण प्रताप सिंह, इंजीनियर।
बचपन से ही मन में भरा है भक्ति का भाव
राधा-कृष्ण के प्रति भक्ति भाव बचपन से मन में भरा हुआ है। जन्माष्टमी का बेसब्री से इंतजार रहता है। जिसकी तैयारी के लिए समय निकाल कर राधा-कृष्ण का भजन-कीर्तन करता हूं। - संजय कुमार पटेल, इंजीनियर।
आत्मा को मिलती है संतुष्टि
समाज सेवा के साथ ही राधा-कृष्ण की सेवा करने से आत्मा को संतुष्टि मिलती है। सामाजिक जिम्मेदारी के साथ भजन-कीर्तन के लिए भी समय निकाल लेता हूं। अगर मन में कान्हा के लिए चाह तो आपकी राह तो खुद ब खुद बनती चली जाएगी। - डॉ. निरकांर, चिकित्साधिकारी, जिला अस्पताल।
10 साल से शामिल हो रहे आयोजन में
संकीर्तन सोसाइटी से 10 साल से जुड़ा हूं। जन्माष्टमी का बेसब्री से इंतजार रहता है। इतना ही नहीं परिवार के सभी सदस्य काफी दिन पहले से ही तैयारी में जुट जाते हैं। बच्चे भी बहुत अधिक उत्साहित रहते हैं। - अनिल कुमार सिंह, इंजीनियर।
काम से निकाल लेते हैं समय
जन्माष्टमी के लिए बचपन से ही बहुत उत्साहित रहता हूं। काम से समय निकालने के बाद संकीर्तन सोसाइटी से जुड़े साथियों से देर रात तक तैयारी की कार्ययोजनाएं बनाता हूं ताकि जन्माष्टमी को भव्य रूप दिया जा सके। - सचिन यादव, इंजीनियर