आईआईटी-बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सुनवाई के दौरान डॉक्टर का बयान दर्ज हुआ। वहीं कोर्ट ने जिरह जारी रखते हुए सुनवाई की अगली तारीख 20 जनवरी को तय किया है।
आईआईटी-बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की तीसरी गवाह डॉ. अनामिका सिंह का बयान फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत में दर्ज किया गया। मामले के एक आरोपी कुणाल पांडेय के अधिवक्ता ने डॉक्टर से जिरह की।
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मुकदमे के दो अन्य आरोपियों आनंद चौहान और सक्षम पटेल की ओर से जिरह की कार्रवाई पूरी नहीं की जा सकी। इस पर अदालत ने जिरह जारी रखते हुए सुनवाई की अगली तिथि 20 जनवरी मुकर्रर कर दी। इससे पहले सुनवाई की पिछली तिथि पर अभियोजन पक्ष के दूसरे गवाह और पीड़िता के दोस्त का बयान दर्ज न होने पर डॉ. अनामिका सिंह को गवाही के लिए तलब किया गया था।
पीड़िता के दोस्त ने मौखिक रूप से अदालत से अनुरोध किया है कि कचहरी आने-जाने में उसकी क्लास छूट जाती है। ऐसे में उचित समय पर उसका साक्ष्य लिया जाए। उधर, एडीजीसी (फौजदारी) मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि डॉ. अनामिका सिंह ने पीड़िता छात्रा की मेडिको-लीगल रिपोर्ट तैयार की थी। उन्होंने अभियोजन कथानक का समर्थन किया है।