बकरीद की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। 21 जुलाई को मनाए जाने वाले पर्व की खरीदारी के लिए देर शाम तक मुस्लिम इलाकों के बाजार गुलजार रहे। हालांकि महंगाई के कारण मोहल्लों में लगने वाली बकरा मंडी में खरीदार कम रहे। कपड़ों, सेंवई और गिफ्ट आइटम की खरीदारी के लिए दालमंडी क्षेत्र में देर शाम तक भीड़ लगी रही। वहीं मुस्लिम धर्मगुरुओं ने खुले में कुर्बानी न करने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है।
सोमवार को बकरीद की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। महंगाई के कारण मुस्लिम मोहल्लों में अकेले-अकेले कुर्बानी के बजाय सामूहिक कुर्बानी की तैयारियां की जा रही हैं। इससे जहां जेब पर बोझ कम पड़ेगा वहीं बकरीद की रवायत भी पूरी हो जाएगी। महंगाई का असर बकरों की बिक्री पर साफ-साफ नजर आ रहा है। बाजार में हर किस्म के बकरे मौजूद हैं, लेकिन महंगाई के कारण खरीदार नदारद हैं।
पशु व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल बिक्री घटकर आधी रह गई है। बकरियाकुंड के पास बकरामंडी के वसीम ने बताया कि इस बार पशुओं के दाम डेढ़ गुना ज्यादा महंगे हैं। मदनपुरा क्षेत्र के व्यापारी रसूल कुरैशी ने बताया कि बाजार में बिक्री कम होने से घाटा उठाना पड़ रहा है।
साफ-सफाई का रखें ध्यान, बंद जगह पर न करें कुर्बानी
शिया मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने मुस्लिम बंधुओं से अपील की है कि वह कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बकरीद का पर्व मनाएं। खुले में कुर्बानी ना करें। गाजी मियां रौजे के गद्दीनशीं हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने भी अपील करते हुए कहा कि शासनादेश का पालन करते हुए कुर्बानी का पर्व बकरीद मनाएं। बंद जगहों पर ही कुर्बानी करें और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।