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आजमगढ़ः खेत में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में दो साल से नहीं आई डीएनए टेस्ट रिपोर्ट

Tue, 10 Dec 2019 11:22 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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dna test - फोटो : social media
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आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र में करीब दो साल पूर्व खेत की रखवाली करते समय दुष्कर्म की शिकार हुई आठ साल की मासूम बच्ची आज भी सदमे से नहीं उबर पाई है। न्याय की आस में परिवार दफ्तरों का चक्कर लगा रहा है लेकिन अब तक उनकी झोली खाली है। पुलिस डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट न आने का हवाला देकर चुप है।

रौनापार थाने के एक गांव की रहने वाली आठ साल की बच्ची मक्के के खेत की रखवाली कर रही थी। तभी क्षेत्र के युवक एहसान पुत्र इस्लाम जो फेरी लगाकर सूप बेचने का काम करता था। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।

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बच्ची की चीख पुकार सुन उधर से गुजर रहे राहगीर मौके पर पहुंचे और आरोपी को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। अगस्त 2017 से ही आरोपी जेल में जरूर है लेकिन अभी तक उसके गुनाहों की सजा नहीं मिल पाई है। उधर घटना के बाद बच्ची अब भी उस हादसे का दंश झेलने को मजबूर हैै। पुलिस के मुताबिक इस मामले में डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आनी बाकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही उसे कोर्ट में पेश कराकर मुकदमे की सुनवाई शुरू कर दी जाएगी।

बालकों की सुरक्षा पर हुआ इंटरफेस कार्यक्रम

आजमगढ़। रोजा संस्थान के तत्वाधान में मंगलवार को ग्राम बाल संरक्षण समिति व निगरानी समिति के बीच बालकों के सुरक्षा को लेकर इंटरफ़ेस कार्यक्रम हुआ। इसमें पांच ग्राम पंचायतों के ग्राम बाल संरक्षण के अध्यक्ष और सचिव ने प्रतिभाग किया। ग्राम पंचायत रासेपुर, बांसगांव, सराय त्रिलोचन, कस्बा पहलवानपुर और आराजी फुलाइज शामिल हुए। इरफान मोहम्मद खान ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार हर ग्राम पंचायत में एक ग्राम बाल संरक्षण समिति का गठन किया गया है।

इसमें ग्राम प्रधान अध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सचिव हैं। इसमें दो बच्चे भी शामिल किए गए हैं। राजकुमार ने बताया कि बच्चों को किन किन परिस्थितियों में चैलेंज और समस्याएं आती हैं। ग्राम बाल संरक्षण समिति गांव में बच्चों का चिन्हांकन करेगी। जिसमें आवश्यकता वाले बच्चे, दिव्यांग बच्चे, एकल माता-पिता के बच्चे, विधवा मां के बच्चे आदि शामिल हैं। संध्या सिंह ने कार्य क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण बच्चे और अपने कार्य क्षेत्र की एक रिपोर्ट प्रस्तुत किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से बाल शिक्षा समिति के सदस्यों आदि के बारे में जानकारी दी।

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