सीसीएमबी हैदराबाद के निदेशक डॉ. के थंगराज
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बीएचयू के स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में आने वाली हर पांचवीं महिला गर्भधारण न करने की समस्या से परेशान रहती है। इनकी उम्र 30 से 45 वर्ष है। ओपीडी में रोजाना करीब 215 महिलाएं दिखाने आती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बांझपन की समस्या बढ़ी है। इसकी प्रमुख वजह दिनचर्या में बदलाव के साथ धूम्रपान है। जो पुरुष शराब या फिर सिगरेट पीते हैं, उनमें बांझपन की समस्या हो सकती है। मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल व कसे हुए कपड़े पहनने से भी नुकसान हो रहा है। यह कहना कतई उचित नहीं है कि बांझपन सिर्फ महिलाओं में होता है। इसके लिए पुरुष भी जिम्मेदार हैं।
जर्मनी से आए वैज्ञानिक डॉ. मानवेंद्र सिंह ने ज्यादातर महामारियां विभिन्न वायरस के कारण फैली हैं। इनमें रेट्रो वायरस प्रमुख था। इसी वजह से आज के मानव का जीनोम आठ फीसदी रेट्रो वायरस का बना है। एडनेट 2023 के दूसरे दिन तीन सत्रों में वैज्ञानिक व विशेषज्ञों ने डीएनए और जीनोम पर चर्चा की। बंगलूरू से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दंडपानी ने 500 से ज्यादा सैंपल पर किए गए शोध की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीआरकेसीए नामक जीन की मौजूदगी से दक्षिण एशिया में हाइपरट्राॅफिक कार्डियो मायोपैथी की समस्या गहराई है। उन्होंने पूरे भारत से एक हार्ट कॉन्सोर्शियम बनाया और इक्जोम सिक्वेंसिंग के जरिये पूरे जीनोम को सिक्वेंस किया। वैज्ञानिक के मुताबिक, यह खोज हृदय रोगियों के इलाज में कारगर साबित हो सकती है।