राहत शिविरों में भोजन-पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिलनी चाहिए और प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट रहे।
डीएम ने पशुधन की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। पशुओं के लिए चारा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखने के साथ ही संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने को कहा।
विद्यालय, सामुदायिक शौचालय और आरोग्य केंद्र का निरीक्षण
क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत कुण्डा खुर्द स्थित प्राथमिक विद्यालय, सामुदायिक शौचालय और जन आरोग्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय में उन्होंने पठन-पाठन और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। विद्यालय की स्थिति संतोषजनक मिलने पर उन्होंने व्यवस्थाओं को इसी तरह बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया गया। यहां अव्यवस्था और गंदगी मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए खंड विकास अधिकारी नियामताबाद और केयरटेकर को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सामुदायिक शौचालय को तत्काल साफ-सफाई कराकर चालू कराने और नियमित रूप से इसकी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन आरोग्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां इलाज करा रही महिलाओं से सीधे बातचीत की और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों ने चिकित्सकों की कार्यप्रणाली और उपचार व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने तथा मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी पीडीडीयू नगर, खंड विकास अधिकारी नियामताबाद समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।