वाराणसी के जिला जेल से कॉल कर रंगदारी मांगने के मामलों की हकीकत जानने के लिए शुक्रवार की सुबह डीएम और एसएसपी ने फोर्स के साथ छापामारी की। इसमें जेल की बैरकों और उनके आसपास से आठ फोर जी मोबाइल, नौ फोर जी सिम, चार्जर, लाइटर और फोन नंबर लिखी हुई डायरी मिली।
सुबह छापामारी से जेल प्रशासन और बंदियों में हड़कंप की स्थिति रही। मामले को लेकर कैंट थाने में अज्ञात बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मोबाइल, सिम और डायरी को क्राइम ब्रांच की सर्विलांस सेल को जांच के लिए सौंप दिया गया है।
जिला जेल में निरुद्ध बदमाशों के द्वारा शहर के व्यापारियों और डॉक्टरों को कॉल कर रंगदारी मांगने के मामले इन दिनों सुर्खियों में हैं। इन्हें लेकर लंका सहित अन्य थानों में मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।
शुक्रवार की सुबह सात बजे एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र, सीओ सदर अंकिता सिंह, क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह और पुलिस, पीएसी व सीपीएमएफ के 100 से ज्यादा जवानों के साथ डीएम योगेश्वर राम मिश्रा जेल में घुसे।
छापामारी में बैरक नंबर एक, दो, चार व नौ के साथ ही इनके आसपास की झाड़ियों और शौचालय से आठ मोबाइल और नौ सिम बरामद किए गए। इन बैरकों में अशोक यादव, संतोष शुक्ला, रामबाबू यादव, अंगद राय और गोरा राय जैसे जरायम जगत के चर्चित नाम निरुद्ध हैं।
इस दौरान डीएम ने प्रभारी अधीक्षक व सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीष गौड़ और जेलर पीके त्रिवेदी को जमकर फटकार लगाने के साथ ही कार्रवाई की ताकीद की। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि अज्ञात बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
उधर, देर शाम जेलर ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में बैरक नंबर एक और दो के प्रभारी बंदीरक्षक हरिश्चंद्र भारती को निलंबित कर जांच बैठाई गई है। वहीं, सर्किल हेड विजय शंकर दूबे के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।