ऋतुराज वसंत के आगमन पर गुरुवार की शाम नृत्य, गायन की प्रस्तुतियां यादगार बन गईं। नाटक ‘चिट्ठी खुली’के मंचन के जरिए जीवन के अकेलेपन की पीड़ा व्यक्त की गई।
यह प्रस्तुति डीरेका सांस्कृतिक संस्था की ओर से प्रेक्षागृह में की गई। नाट्य प्रस्तुति और अन्य कार्यक्रमों का आनंद लेने के लिए अफसरों के अलावा कर्मचारियों की भीड़ लगी रही।
बतौर मुख्य अतिथि डीरेका के महाप्रबंधक अशोक कुमार हरित ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद शुरुआत हुई वसुंधरा शर्मा के कथक नृत्य से।
उन्होंने वंदना के बाद पारंपरिक थाट, आमद, उठान, तोड़ी और चक्करदार की प्रस्तुति की। इनके बाद डीरेका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने देशभक्ति गीत पेश किए। अजय अजनबी के भोजपुरी गीतों पर लोग झूमते रहे।
इसके बाद लावणी नृत्य की छात्राओं ने मोहक प्रस्तुति की। नाटक ‘खुली चिट्ठी’ के जरिए बेहतर आर्थिक स्थिति, पुत्रों के सफल कॅरियर, पुत्री की शादी के बाद एकाकीपन की विडंबना को रेखांकित किया गया।
इस नाटक का निर्देशन किया सुधाकर मणि ने। इस मौके पर डीरेका महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष सुमित्रा हरित भी उपस्थित थीं। मुख्य कार्मिक अधिकारी अर्जुन तांबियार ने अतिथियों का स्वागत किया।