वाराणसी। 20 मिनट तक अपहरणकर्ता के चंगुल में रहे ढाई साल के दिव्यांश ने जैसे ही पिता को देखा तो ‘पापा’ कहकर उनसे लिपट गया। पिता विपिन बिहारी सिंह भी दिल के टुकड़े को अपनी गोद में पाकर आंसू नहीं रोक पा रहे थे। यह दृश्य देखकर थाने में मौजूद हर कोई भावुक हो गया।
मासूम के अपहरण होने के बाद परिजनों में सकपका गए। पिता विपिन हैरान थे कि जिस मासूम कि खुशी के लिए उसे वे बाहर घुमाने लेकर आए थे उसका अपहरण हो गया है। कलेजे के टुकड़े की नामौजूदगी से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। थोड़ी-थोड़ी देर में परिजन पुलिस से बेटे की जानकारी लेते रहे। उधर, अपहरण की सूचना पर पुलिस भी घेरेबंदी कर जांच पड़ताल में जुट गई। जगतपुर के पास पुलिस ने अपहरणकर्ता को दबोचने के साथ बच्चे और कार को बरामद कर लिया। प्रभारी निरीक्षक रोहनिया जैसे ही बच्चे को गोद में लेकर गाड़ी से उतरे वह अपने पिता को देखते ही ‘पापा’ चिल्लाया और सीने से लिपट गया। अपहरणकर्ता द्वारा कार के गड्ढे में कूदाने से ढाई साल का मासूम काफी सहम गया था। लेकिन पिता की गोद मिलते ही वह सामान्य हो गया।
पुलिस को दुआएं दे रहे मां-बाप
पुलिस की तत्परता के चलते बच्चे के अपहरण की साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बच्चे को भी सकुशल बचा लिया। अपने बच्चे को पाकर माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, वह बार-बार अपने बच्चे की तरफ देख रहे थे। पिता विपिन बिहारी सिंह, माता नूतन सिंह पुलिस कर्मियों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दे रहे थे। विपिन की एक 10 वर्षीय पुत्री जाह्नवी और ढाई साल का पुत्र दिव्यांश है।
छह किलोमीटर में 20 मिनट तक घूमता रहा अपहरणकर्ता
- अपहरणकर्ता छह किलोमीटर (किमी.) के दायरे में 20 मिनट तक घूमता रहा। दिव्यांश का अपहरण चुरामनपुर से हुआ जबकि उसकी बरामदगी जगतपुर के समीप हुई। 10:10 बजे के लगभग उसने बच्चे को कार सहित लेकर भागा और फिर 20 मिनट बाद लगभग 10:30 बजे पुलिस ने घेरेबंदी कर उसे पकड़ा। अपहरणकर्ता विकास तिवारी रोहनिया में ही किराए का मकान लेकर रहता है। हालांकि उसने ऐसा क्यों किया यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
पंचर न होती कार तो होती बड़ी घटना
- जगतपुर के समीप जब रोहनिया पुलिस ने अपहरणकर्ता को पकड़ने के लिए घेरेबंदी की तो वह कार को तेजी से लेकर भागने लगा। इस दौरान कई वाहन व लोग टकराने से बचे। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो वह अनियंत्रित तरीके से कार को सड़क पर दौड़ा रहा था। गनीमत रही कि उसी दौरान आगे का एक पहिया पंचर हो गया। उस पर भी अपहरणकर्ता एक किलोमीटर तक कार को दौड़ाया और फिर गड्ढे में कार को लेकर चला गया।