प्रह्लाद घाट स्थित भारद्वाजी टोला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी में कथाप्रेमियों ने आध्यात्मिक डुबकी लगाई। बाल व्यास रूपेश पांडेय ने श्रीमद्भागवत महात्म्य, आत्मदेव, धुंधकारी और गोकर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। दीपदान, आरती के साथ भक्ति की धारा प्रवाहित हुई। पं. प्रभाकर नारायण तिवारी ने कथा का संकल्प कराया है। भक्तों ने भजन कीर्तन किया। आरती से कथा को विराम दिया।