इसका विरोध करने पर पुलिस ने झुनझुन के पड़ोसी ब्राह्मण परिवार के नौ लोगों जिनमें हवलदार सुशील पांडेय, जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में तैनात हवलदार कमल कुमार पांडेय, अविनाश पाडेय, निर्भय कुमार पांडेय, इंद्रजीत पांडेय, विशाल पांडेय और विक्की पांडेय आदि को थाने उठा लाई और उनकी बर्बरता पूर्वक पिटाई की।
उस समय बड़ी मां की मृत्यु के बाद परिवार के सभी सदस्य घर में तेरहवीं कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे। सभी पर फर्जी मुकदमा लादकर चालान कर दिया गया। खबर अखबारों में छपी तो मामले को मुख्यमंत्री ने स्वत: संज्ञान ले लिया। शनिवार को सीएम कार्यालय से एमएलसी विशाल सिंह चंचल के पास पहला फोन सीएम के निजी सचिव का आया और घटना के बारे में पूछताछ की गई।
अब नूरपुर का ब्राह्मण परिवार न्याय के लिए चक्कर काटने को विवश है। पीड़ितों ने जिले के जनप्रतिनिधि सहित सीएम तक को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। इस संबंध में जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने कहा कि शासन स्तर से इस प्रकरण की जांच करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले की जांच कर शासन को रिपोर्ट दी जाएगी।
उधर नूरपुर कांड को लेकर एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय सहित एडीजी और जिला अधिकारी का फोन आया था। उन्हें घटना की सच्चाई से अवगत करा दिया गया है। निश्चित रूप से पीड़ितों को न्याय मिलेगा। यह मुझे भरोसा है।
इसके कुछ देर बाद एडीजी ला एंड आर्डर ने बात की। उन्हें भी एमएलसी ने घटना के बाबत अवगत कराया। अंतिम वार्ता जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने एमएलसी से की। इसके बाद डीएम मामले की जांच करने खुद रवाना हो गए। इतना ही नहीं एमएलसी ने अमर उजाला सहित अन्य अखबारों में प्रकाशित खबरों को भी मेल आदि के जरिए सीएम और एडीजी को भेजा।
जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने कहा कि शासन स्तर से इस प्रकरण की जांच करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले की जांच कर शासन को रिपोर्ट दी जाएगी। एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय सहित एडीजी और जिला अधिकारी का फोन आया था। उन्हें घटना की सच्चाई से अवगत करा दिया गया है। निश्चित रूप से पीड़ितों को न्याय मिलेगा। यह मुझे भरोसा है।
कुछ दिन पूर्व कासिमाबाद कोतवाली में युवकों की हुई पिटाई के मामले की अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। इसी तरह दुल्लपुर थाने में पहुंचे वृद्ध फरियादी की पिटाई के बाद आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला। अब नूरपुर का ब्राह्मण परिवार न्याय के लिए चक्कर काटने को विवश हैं। पीड़ितों ने जिले के जनप्रतिनिधि सहित सीएम तक को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
पूर्व पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह नूरपुर गांव पहुंचे और पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए ब्राह्मण परिवार का हाल जाना। साथ ही न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि अब आम जनता भी पुलिसिया उत्पीड़न के दहशत में जीने को मजबूर हो चुकी है।
चारों ओर भय और खौफ का माहौल बन चुका है। प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून का राज खत्म हो चुका है। हर तरफ हत्या लूट बलात्कार तथा समाज के सभ्य लोगों के साथ पुलिसिया उत्पीड़न की घटनाएं आम होती जा रही हैं। उन्होंने जमानिया सीओ से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।
प्रदेश सरकार के मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री आनंद स्वरुप शुक्ल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रविवार को दोपहर 12 बजे नगसर थाना क्षेत्र के ग्राम नूरपुर पहुंचकर पीड़ित लोगों से मिलेंगे। यह जानकारी जिलाध्यक्ष भानूप्रताप सिंह के माध्यम से जिला मीडिया प्रभारी शशिकांत शर्मा ने दी।