जिला कारागार में दो अप्रैल को साढ़े सात घंटे तक हुए बवाल के आरोपी कर्मियों और बंदियों की फिर धुकधुकी बढ़ गई है। दरअसल, जेल बवाल की न्यायिक जांच रिपोर्ट पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई के संबंध में प्रदेश सरकार से 18 सितंबर तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसे लेकर बवाल के दौरान जिला जेल में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को भय सताने लगा है कहीं वो किसी बड़ी कार्रवाई की जद में न आ जाएं। मामले में अभी सिटी मजिस्ट्रेट और न्यायिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शेष है।
बवाल के बाद तत्कालीन जेल अधीक्षक आशीष त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया था। जेलर विजय कुमार राय को निलंबित कर पांच बंदीरक्षकों को डीआईजी जेल कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। बवाल के आरोप में चिह्नित 18 बंदियों को पूर्वांचल की विभिन्न जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया था।
बवाल के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए डिप्टी जेलर अजय राय को सोनभद्र जिला कारागार से संबद्ध कर दिया गया था। बवाल की जांच डीआईजी कारागार, सिटी मजिस्ट्रेट और अपर
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने की है। डीआईजी जेल एसके श्रीवास्तव ने बताया कि जेल बवाल की जांच रिपोट सरकार के पास है। सभी रिपोर्ट का अध्ययन कर 18 सितंबर को उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल किया जाएगा।