बोर्ड परीक्षा को लेकर आईं 146 आपत्तियां, 23 नवंबर तक होगी जांच
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में इस साल भी लापरवाही देखने को मिली है। न तो अधिकतम दूरी के निर्देशों का पालन किया गया और न ही विद्यालय की भौतिक स्थिति का ध्यान रखा गया। राजकीय हाईस्कूल लालपुर, बड़ागांव, खरगुपुर सहित 18 स्कूलों में बैठने के लिए प्रर्याप्त रूम नहीं है, लेकिन स्कूलों को सेंटर बना दिया गया है। कई विद्यालय ऐसे है, जहां स्टाफ नहीं है, फिर भी उसे सेंटर बनाया गया है। ब्लॉक से 12 किलोमीटर दूरी पर सेंटर बनाने का नियम है, लेकिन 20-25 किमी दूर बनाया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में 146 आपत्तियां आई हैं। 60 विद्यालयों की दूरी अधिक है, 18 विद्यालयों में छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहीं 18 आपत्तियों में क्लास रूम न होने, कैमरा न होने, स्टाफ की कमी होने की बात कही गई है। 50 लोगों ने विद्यालयों में सुविधा होने के बाद भी सेंटर न बनाने को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इन आपत्तियों का निस्तारण करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिसमें जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारी, डीआईओएस, बीएसए, तहसील के एसडीएम और दो प्रधानाचार्य को नामित किया गया है।
विज्ञापन
इस बार बोर्ड ने 122 सेंटर बनाए हैं। केंद्रों की सूची में 32 विद्यालय के नाम काटे गए हैं, इसमें छह अशासकीय व 26 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इस बार 26 नए विद्यालयों को जोड़ा गया है। इसमें दस राजकीय, दस अशासकीय व छह वित्तविहीन विद्यालय हैं। 4450 परीक्षार्थी हुए कम यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। 10वीं व 12वीं में इस वर्ष 9445 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 2024 की परीक्षा में 98895 परीक्षार्थी जनपद में पंजीकृत थे। इस वर्ष 4450 परीक्षार्थी घटे हैं।
जीओ लोकेशन के आधार पर सेंटर बनाए गए हैं। संभव है कि किसी कारण वश दूरी का ध्यान नहीं दिया गया। जिन भी विद्यालयों से आपत्ति आई है, उनका निस्तारण 23 नवंबर तक होना है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। समिति जल्द ही समाधान की प्रक्रिया शुरु कर देगी। समिति की तरफ से आपत्तियों वाले वाले विद्यालयों की जांच शुरु कर दी गई है। - अवध किशोर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक