दीनदयाल अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज विजय कुमार सिंह को शुक्रवार उसके कुछ तीमारदारों देखने पहुंचे। इस दौरान स्टाफ नर्स ने उनको वार्ड से बाहर जाने को कहा तो तीमारदारों ने उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट की।
स्टाफ नर्स सूर्य प्रकाश को बचाने आए उसके सहयोगी इम्तियाज के साथ भी मारपीट की। घटना की जानकारी होने पर मौके पर पहुंची महिलाकर्मी सती शर्मा, आशा देवी, अमृता के साथ भी तीमारदारों ने दुर्व्यवहार किया।
इस बात से नाराज स्टाफ व डॉक्टरों ने कार्य वहिष्कार कर दिया और अस्पताल के पोर्टिको में धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने कहा कि मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी की जाए तथा आरोपियों के खिलाफ हॉस्पिटल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा लिखा जाए।
उनकी मांग थी कि लंबे समय से अस्पताल में पुलिस चौकी खोलने की बात चल रही है जो बनाई जाए। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। सूचना पर पंहुची एसीएम चतुर्थ नीता यादव व सीओ कैंट राकेश नायक ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
एसीएम चतुर्थ ने दीनदयाल अस्पताल में एक पिकेट व पांच पुलिसकर्मी तैनात किए। अस्पताल में धरना प्रदर्शन के कारण एक घण्टे तक व्यवस्था चरमरा गई जिसके चलते मरीज व तीमारदार भटकते रहे।
बता दें कि अस्पताल परिसर में एक वर्ष पहले जब एक युवती के साथ रेप की घटना हुई तो उस समय भी सुरक्षा के बाबत पुलिस चौकी खोलने की बात हुई थी। परन्तु अस्पताल प्रशासन द्वारा जगह उपलब्ध न कराये जाने चलते आज तक पुलिस चौकी की स्थापना नहीं हो सकी। जिसके चलते आये दिन कर्मचारियों से दुर्व्यवहार की घटनाएं आम हो चली हैं।