38 मामले हैं दर्ज, 1996 में दर्ज हुआ था पहला केस
न्यायालय के आदेश की अवहेलना के मामले में सजा पाए माफिया अखंड प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और संगीन रहा है। तरवां थाना क्षेत्र के जमुवां गांव निवासी अखंड प्रताप सिंह के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 1996 में दर्ज हुआ था। उस समय गांव में जमीन विवाद को लेकर अनुसूचित जाति के चार लोगों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से उस पर लगातार आपराधिक मामले दर्ज होते चले गए।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार आजमगढ़ में ही माफिया अखंड प्रताप सिंह के खिलाफ 25 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा गाजीपुर, जौनपुर, मऊ और लखनऊ जनपदों में भी उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज है। उस पर 38 संगीन आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। जब कानूनी शिकंजा कसने लगा तो अखंड प्रताप सिंह ने 12 दिसंबर 2019 को आजमगढ़ न्यायालय में सरेंडर किया था। वर्तमान में बरेली जेल में बंद है।