बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों और दूकानों से कीचड़ साफ करते लोग।
बाढ़ का पानी उतरा तो बीमारियां खतरे का निशान पार करने लगी हैं। गंगा और वरुणा की बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब बीमारियों का कहर शुरू हो गया है। लंबे समय से एक जगह पानी जमा होने से डायरिया, बुखार, डेंगू, संक्रमण आदि के मरीज अस्पतालों में पहुंचने लगे हैं। सोमवार को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में जैतपुरा, चौक, कोनिया, आदमपुर, पुरानापुल, चौक आदि इलाकों के डायरिया के 28 लोग भर्ती किए गए। चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डायरिया पीडि़त सात लोग भर्ती किए गए हैं। वार्ड नंबर चार में लहरतारा की नम्रता वर्मा (30) को डेंगू की पुष्टि हुई है। गाजीपुर में डायरिया पीडि़त एक की मौत हो गई।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में सोमवार को डायरिया पीडि़तों के लिए स्पेशल वार्ड बनाया गया। सीएमएस डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल सात बेड इस वार्ड में रखे गए हैं, बाद में जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है। काशी में सोमवार को गंगा बाढ़ के चेतावनी बिंदु (70.26) के भी नीचे आ गई। सुबह से शाम के बीच जलस्तर के घटाव की गति में कई बार उतार-चढ़ाव आया। रात आठ बजे तक जलस्तर 69.88 मीटर रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 1.38 मीटर नीचे है। पानी घटने से गंगा किनारे की कॉलोनियों, सड़कों, गलियों की सफाई का काम तेज कर दिया गया है। बलिया में दूबे छपरा बंधा टूटने से 12 गांव पानी से घिरे होने से 33 हजार लोग प्रभावित हैं। यहां नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। पीडि़तों को राहत सामग्री नहीं मिल रही है। पीने के पानी की दिक्कत है।
बाढ़ पीडि़तों से अपेक्षित सहयोग नहीं करने पर चार कोटे की दूकानों को निलंबित कर दिया गया। रामगढ़ ढाले पर बाढ़ पीडि़तों ने लेखपाल पर अपात्रों को राशन वितरण का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नरहीं में एनएच 31 से पानी उतर गया। सोमवार को रिहंद का जलस्तर बढ़गर 871.4 फुट पहुुंच गया। गडि़या, डडीहरा, किरवानी, सोढो, पडरी गांव इससे प्रभावित हुए हैं। नई दिल्ली में यमुना नदी के रेलवे पुल पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने के कारण उधर से आने वाली ट्रेनें देर से चल रही हैं।