विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र और जिले से दो-तीन नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। वाराणसी के चुनावी इतिहास में पहली बार किसी भी पार्टी ने जिले की सभी सीटों को पहली बार जीता है।
इस बार के चुनाव में भाजपा ने सहयोगी दलों अपना दल (सोनेलाल) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (भासपा) के साथ मिलकर सभी आठ सीट जीती हैं। मंत्री पद के दावेदारों ने तैयारी के क्रम में लखनऊ और दिल्ली तक कोशिशें शुरू कर दी हैं।
हालांकि मंत्री पद के लिए कुछ चौंकाने वाले नाम भी शामिल हो सकते हैं। यह इस पर निर्भर करेगा कि मुख्यमंत्री पद पर किसकी ताजपोशी की जाती है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो शहर उत्तरी सीट से भाजपा की टिकट पर विधायक चुने गए रवींद्र जायसवाल इस बार चुने गए सभी विधायकों में वरिष्ठ होने के नाते मंत्री बनाए जा सकते हैं।
इनके अलावा अद (एस) के कोटे से सेवापुरी के विधायक चुने गए नील रतन पटेल को भी मंत्री बनाए जाने की संभावना राजनीतिक गलियरों में चल रही है।
इसके अलावा संगठन और पार्टी को मजबूती से खड़ा करने और काशी क्षेत्र की 61 में से 55 सीटों पर विजय दिलाने वाले क्षेत्रीय अध्यक्ष एमएलसी लक्ष्मण आचार्य को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता है।
आचार्य एमएलसी पहले से ही हैं। इसके अलावा वह राजकीय मत्स्य निगम के चेयरमैन भी रह चुके हैं।