अभिलेखों में हेरफेर और धान की एक प्रजाति की चोरी के आरोप सही पाए जाने पर बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. रवि प्रताप सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। शनिवार को कुलपति के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। उनकी जगह संकाय प्रमुख प्रो. ए वैशम्पायन को प्रभार दिया गया है। शनिवार को वैशम्पायन ने प्रभार ग्रहण कर लिया।
वर्ष 2014 में प्रो. पर अभिलेखों के हेरफेर और कॉपीराइट के तहत धान की प्रजाति चोरी करने का आरोप लगा था। मेहनाजपुर, आजमगढ़ के आरटीआई कार्यकर्ता हरिकेश बहादुर सिंह के सूचना के अधिकार के तहत मांगे गए जवाब में इसका खुलासा हुआ था। आरोप था कि उन्होंने अपने ही संस्थान के एक प्रोफेसर द्वारा विकसित धान की प्रजाति चोरी की। कई किसानों को सैंपल बेचा गया। इसे लेकर लंका थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ।
उस वक्त तत्कालीन कुलपति के निर्देश पर जांच कमेटी बनाई गई लेकिन रिपोर्ट में घालमेल के आरोप लगे। इसके बाद वर्तमान कुलपति के निर्देश पर दूसरी कमेटी बनाई गई। कमेटी ने आरोपोें को सही पाया। विश्वविद्यालय के कार्यकारिणी की परिषद में उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई।