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बीएचयूः कार्यकारिणी परिषद की बैठक में चार संस्थानों में नए निदेशक नियुक्त

Tue, 27 Nov 2018 02:01 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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कार्यकारिणी परिषद की बैठक - फोटो : amar ujala
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बीएचयू की कार्यकारिणी परिषद ने विज्ञान संस्थान, कृषि विज्ञान संस्थान, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान और प्रबंध अध्ययन संस्थान के नए निदेशक के नामों पर मुहर लगा दी है। कार्यकारिणी परिषद की सोमवार को हुई बैठक में नए निदेशकों के नाम का लिफाफा खोला गया।
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सूत्रों के मुताबिक चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. वीके शुक्ला को रेक्टर बनाए जाने पर सहमति बन गई है लेकिन आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बीएचयू में अरसे बाद रेक्टर पद पर नियुक्ति की गई है। पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने अपने कार्यकाल में रेक्टर पद पर नियुक्ति नहीं की थी।

कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की अध्यक्षता में शाम करीब चार बजे से शुरू होकर रात आठ बजे तक चली बैठक में पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान में प्रो. एएस रघुवंशी को निदेशक बनाया गया है। प्रबंध अध्ययन संस्थान में प्रो. एसके दूबे, कृषि विज्ञान संस्थान में प्रो. रमेश चंद्र, विज्ञान संस्थान में लखनऊ में कार्यरत प्रो. एके त्रिपाठी को नया निदेशक बनाया गया है।
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बैठक में आयुर्वेद संकाय में संकाय प्रमुख पद की योग्यता पर हाल ही में आए आयुष मंत्रालय के उस पत्र पर भी चर्चा हुई, जिसमें मंत्रालय ने एक्ट में संशोधन कर संकाय प्रमुख पद पर आयुर्वेदिक उपाधि धारक शिक्षक की नियुक्ति की बात कही थी। सूत्रों की माने तो बैठक में इस बाबत फैसला सुरक्षित रखते हुए निर्णय लिया गया कि इतनी जल्दी विश्वविद्यालय का एक्ट नहीं बदला जा सकता।

बैठक के दौरान जंतु विज्ञान विभाग के छात्राओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी प्रो. एसके चौबे के निलंबन की कार्रवाई की जानकारी कार्यपरिषद सदस्यों को दी गई। बैठक में पूर्व में विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं शोध के साथ ही वित्तीय मामलों, विकास से संबंधित मामलों पर लिए गए निर्णयों को परिषद ने अनुमोदित किया। 

महामना की पुण्यतिथि पर पौत्र को अहम जिम्मेदारी

गिरिधर मालवीय - फोटो : amar ujala
सोमवार को अद्भुत संयोग बना। बीएचयू संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर जहां शांति पाठ-गीता पाठ कर उनका स्मरण किया गया वहीं उनके पौत्र न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय को कुलाधिपति की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई।

महामना की पुण्यतिथि 26 नवंबर को मनाए जाने की तैयारी कई दिन से चल रही थी। इसी दिन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के नाम पर फैसले के लिए कोर्ट की बैठक भी पहले से तय थी। मालवीय भवन में सुबह नौ बजे आयोजित कार्यक्रम में महामना को श्रद्धांजलि दी गई।

कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी आदि ने मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों ने शंति पाठ-गीता पाठ किया।

इसके बाद 11 बजे से कुलपति की अध्यक्षता में कोर्ट की बैठक हुई। कुलाधिपति पद के लिए कई नाम थे लेकिन न्यायमूर्ति मालवीय के नाम का प्रस्ताव वसंता कॉलेज राजघाट की शिक्षक डॉ. वंदना झा ने रखा। इसे सर्वसम्मति से स्वीकार लिया गया। 
 
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मैथिली अध्ययन केंद्र खोलने की तैयारी

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
बीएचयू परिसर में मैथिली अध्ययन केंद्र खोला जाएगा। कोर्ट की बैठक में इस बारे में आए प्रस्ताव के बाद मामले को विद्या परिषद की बैठक में रखा जाएगा, यहां स्वीकृति के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी। वसंता कॉलेज राजघाट की शिक्षक डॉ. वंदना झा ने यह प्रस्ताव रखा था।

विश्वविद्यालय में मैथिली अध्ययन केंद्र खुलने पर मधुबनी पेंटिंग, मैथिली लोक संस्कृति आदि पर पठन-पाठन के साथ ही शोध भी होगा। डॉ. झा ने बताया कि संघ लोक सेवा आयोग की भाषा में मैथिली भी शामिल हैं। कोलकाता, पटना, मुजफ्फरपुर और रांची विश्वविद्यालय में भी मैथिली विभाग हैं। बीएचयू में भी मैथिली अध्ययन केंद्र होना चाहिए।

बैठक में आमंत्रित सदस्य प्रो. वीएन मिश्र ने आईएमएस में फिल्म निर्माण की जानकारी दी। बताया कि आईएमएस में अलग-अलग फिल्मों के माध्यम से मरीजों को जागरूक किया जा रहा है। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने इस दौरान अस्पताल में मरीजों को मिल रहे नि:शुल्क भोजन, चेस्ट वार्ड के जीर्णोद्धार, जेनेरिक दवाओं के काउंटर खोलने आदि के बारे में बताया।
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