शुक्रवार को अपने दौरे के दौरान धर्मेंद्र प्रधान काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बड़ालालपुर, रविदास पार्क और रविदास घाट देखने जाएंगे। यहां से निकलकर वह अधिकारियों की टीम के साथ ही बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी सभागार में जाकर वहां भी तैयारियां का जायजा लेंगे।
17 नवंबर से शुरू होने वाले तमिल समागमम में तमिलनाडु के 38 जिलों के करीब 3000 लोग 12 ग्रुप में काशी आएंगे। वाराणसी आने वाले अतिथि अयोध्या और प्रयागराज का भी दौरा करेंगे। कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने बताया कि एक ग्रुप की यात्रा 8 दिनों की होगी। इसमें दो दिन तमिलनाडु से वाराणसी पहुंचने में लगेगा।
दो दिन वाराणसी में रहेंगे और इसमें हनुमान घाट पर गंगा स्नान, श्री सुब्रमण्यम स्वामी के आवास, काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन, सारनाथ आर्कियोलॉजिकल साइट एंड म्यूजियम, गंगा आरती और 84 घाटों के नाव से अवलोकन और शाम रविदास घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।
वाराणसी के बाद दो दिनों में प्रयागराज और अयोध्या की यात्रा प्रस्तावित है और फिर दो दिनों की वापसी की यात्रा होगी। तीन ट्रेन एक दो दिन के अंतराल पर प्रति सप्ताह आएगी। एक महीने के इस तमिल समागमम में करीब 500 कलाकार एग्जीबिशन व कार्यक्रम करेंगे।