श्रीविद्या तत्वानुसंधान आश्रम, श्री करपात्र स्वामी प्राकट्य महोत्सव समिति, काशी श्री राजराजेश्वरी श्री क्षेत्र काशी की ओर से शनिवार को स्वामी करपात्री जी महाराज के 118वें आविर्भाव महोत्सव पर श्री गुरु सपर्या का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि काशी सुमेरुपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज ने सनातन धर्म को विश्व पटल के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाया। उनके जैसे संत विरले ही धरती पर अवतरित होते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए धर्मसम्राट के शिष्य महेश चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि धर्मसम्राट का संपूर्ण जीवन शास्त्र आधारित रहा। उनके लिखे ग्रंथ जीवन के व्यवहार को सद्गुणों में बदलने का सामर्थ्य रखते हैं। स्वामी प्रह्लाद ने कहा कि धर्मसम्राट कभी भी हरि और हर में विभेद नहीं रखते थे। इस दौरान प्रो. कमलेश झा, प्रो. पतञ्जलि मिश्र, पवन ब्रह्मचारी, गोविंदानंद महाराज, पं. विजय शंकर त्रिपाठी मौजूद रहे।