दान देने वालों में किसान से लेकर आईआईटीयंस और उद्यमी भी हैं। दान की राशि किसी और से नहीं ली गई है। उन्होंने बताया कि दान देने वालों में 10 हजार रुपये सबसे कम हैं। इसके बाद 10, 17, 25, 50 लाख रुपये देने वालों की संख्या ज्यादा है। एक और तीन करोड़ रुपये देने वाले भी हैं। एम.ए.आर.आर. मुथैया, अविरामी रामनाथन, रामास्वामी आदि ने भी अधिक दान दिया है।
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दो जिलों में बसा है परिवार
तमिलनाडु के शिवगंगई और पुंदुकोटई जिलों के 78 गांवों में नाटकोट्टई नगरतार परिवार बसा है। इन परिवारों के लोग पढ़-लिखकर विदेशों में भी बसे हैं। लेना नारायणन ने बताया कि जब भी कोई सेवा का कार्य होता है, तो परिवार के लोगों के सहयोग से होता है। कोई भी आयोजन होता है तो सभी एकजुट होकर भाग लेते हैं।