फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धनतेरस: मां अन्नपूर्णा के दरबार में भक्तों को मिलेगा खजाना, जान लें तारीख और समय; महंत ने दी खास जानकारी

Thu, 16 Oct 2025 05:24 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Dhanteras 2025: काशी के अन्नपूर्णा मंदिर में सालभर में एक बार दर्शन के लिए देशभर से लाखों भक्त आते हैं। मान्यतानुसार इस दिन मां का पूजन करने से सुख-समृदि्ध बनी रहती है। महंत शंकर पुरी ने इसकी पूरी जानकारी दी है।
विज्ञापन
मां अन्नपूर्णा मंदिर में होने वाले आयोजन की जानकारी देते महंत शंकर पुरी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Varanasi News: मुहूर्त पूजन मंगल बेला में सुबह तीन बजे से पूजन शुरू होगा पौने पांच तक सविधि पूजन होगा। आम भक्तों के लिये पांच बजे पट खुलेगा। पांच दिनों तक श्रद्धालु माता के स्वर्णमयी विग्रह मां अन्नपूर्णा, मां भूमि देवी,लक्ष्मी और रजत महादेव के दर्शन कर सकेंगे।

विज्ञापन


गुरुवार को महंत शंकर पुरी ने बांसफाटक स्थित काशी अन्नपूर्णा क्षेत्र के सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि धनतेरस पर इस बार बहुत ही शुभ योग निर्मित हो रहा है। देश में समृद्धि रहेगी और कोष भरा रहेगा। अभिजीत मुहूर्त में भोर में माता का पूजन व आरती के बाद खजाने की पूजा की जाएगी।

विज्ञापन

भक्तों को मिलेगी पूरी व्यवस्था

उन्होंने कहा कि आने वाले भक्तों को बांसफाटक कोतवालपुरा गेट नंबर ढूंढीराज गणेश होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। अस्थायी सीढ़ियों से भक्त मन्दिर के प्रथम तल पर स्थित स्वर्णमयी माता के परिसर में पहुंचेंगे। प्रथम तल पर गेट पर ही माता का खजाना और लावा वितरण भक्तों में किया जाएगा। भक्त पीछे के रास्ते से राम मंदिर परिसर होते कालिका गली से निकास दिया जाएगा। 

सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में जगह-जगह वालेंटियर अपने पहचान पत्र के साथ तैनात किए जाएंगे। मंदिर प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कीं सुरक्षा की दृष्टी से मन्दिर परिसर में दो दर्जन सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं। मेडिकल टीम की व्यवस्था मंदिर प्रांगण में रहेगी।

स्वर्णमयी माँ अन्नपूर्णा का पांच दिन का दर्शन प्रतिदिन भोर में 4  बजे से रात्रि 11 बजे तक होगा वीआईपी समय शाम 5 से 7 रहेगा। वृद्ध और दिव्यांग को भी मिलेगा सुगम दर्शन। इस दौरान प्रमुख रूप से हरिद्वार नीलकंठ से पधारे शिवांनंद गिरी, प्रदीप श्रीवास्तव, धीरेन्द्र सिंह राकेश तोमर अभिषेक शर्मा समेत मंदिर परिवार रहा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें