विश्व कल्याणार्थ के लिए नौ दिवसीय श्री चंडी महायज्ञ 11 से 19 फरवरी तक दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण (यज्ञ स्थल) में होगा। यज्ञशाला में आहुतियां डालने के लिए सात राज्यों से भक्त और साधु-संत आएंगे। शुभारंभ कलश यात्रा से होगी। प्रतिदिन नौ घंटे यज्ञ और पांच घंटे कथा व भजन संध्या का आयोजन होगा।
दुर्गा मंदिर के महंत रमेश पं. रमेश महाराज ने सोमवार को मंदिर परिसर में पत्रकारों को बताया कि 11 फरवरी को सुबह आठ बजे से अस्सी घाट से दुर्गा मंदिर से कलश यात्रा निकाली जाएगी। यज्ञ वेदी पर कलश स्थापित की जाएगी। प्रति दिन 21 वैदिक ब्राह्मण वैदिक विधि से अनुष्ठान करेंगे। बताया कि प्रतिदिन सुबह आठ से शाम पांच बजे तक महायज्ञ, इसके बाद दुर्गा माता की कथा और भजन संध्या में 45 कलाकार हाजिरी लगाएंगे। पं. रमेश महाराज ने बताया कि यज्ञ में स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के उत्तराधिकारी नारद महाराज सहित आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, ओडिशा, दिल्ली, बिहार आदि राज्यों के के साधु-संत और भक्त आएंगे। चंडी महायज्ञ की शुरुआत 1997 में हुई थी।