श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
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काशी विश्वनाथ धाम में ढुंढिराज गेट, गेट नंबर एक, सरस्वती फाटक, गंगा द्वार से श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया जाता है। पांच दिनों तक ढुंढिराज गेट से केवल प्रवेश का इंतजाम रहता है। ऐसे में काशी विश्वनाथ धाम में बाबा और मां अन्नपूर्णा का दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को लंबी दूरी तय करनी होगी। एसडीएम शंभूशरण ने बताया कि हर साल की तरह ही दर्शन पूजन के इंतजाम रहेंगे।
अन्नपूर्णा मंदिर के प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कि तीन साल से काशी विश्वनाथ मंदिर और अन्नपूर्णा मंदिर के लिए अलग-अलग कतार लग रही है। श्रद्धालु जब मां अन्नपूर्णा का दर्शन कर लेते हैं तो उनको बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए दोबारा कतार में लगना पड़ता है।
साल भर का चढ़ावा, बन जाता है मां का खजाना
बाबा विश्वनाथ को अन्न-धन की भिक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा के दरबार में पांच दिनों तक देश भर के श्रद्धालु उमड़ेंगे। लगातार दूसरे साल पांच दिनों तक मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को अन्न और धन का खजाना भी मिलेगा। इस बार श्रद्धालुओं को चांदी के सिक्के भी खजाने के रूप में बांटे जाएंगे।
मंदिर से मिलने वाला खजाने के रूप में मिलने वाला एक रुपये का सिक्का और लावा लेने के लिए देश भर से श्रद्धालु काशी आते हैं। मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बताया कि आठ पीढि़यों से खजाना वितरण की परंपरा अनवरत चली आ रही है। मंदिर में अन्नकूट के भोग के लिए तैयारियां दशहरे से ही शुरू हो चुकी हैं।
5 दिन होंगे कनाडा वाली मां अन्नपूर्णा के भी दर्शन
श्री काशी विश्वनाथ धाम में पंच दीपोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पांच दिनों तक श्रद्धालु धाम में विराजमान मां अन्नपूर्णा के दर्शन करेंगे। पांच दिनों में 30 लाख से अधिक भक्तों को माता के मंदिर से खजाना भी बांटा जाएगा। मंदिर प्रशासन की ओर से इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। 29 अक्तूबर से दो नवंबर तक विश्वनाथ धाम में भी भक्त मां अन्नपूर्णा के दर्शन कर सकेंगे।
दर्शन-पूजन के साथ ही भक्तों को प्रसाद में खजाना बांटा जाएगा। धाम में पंच दीपोत्सव की शुरुआत 29 अक्तूबर से होगी। धनतेरस के दिन भोर में मां अन्नपूर्णा के खजाने व अन्न का पूजन करने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे।